Religious And Spiritual News – कल है विवाह पंचमी, करें ये उपाय, शादी में आ रही अड़चनें होंगी दूर

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ज्योतिषाचार्य के अनुसार, जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हो वे यदि इस दिन व्रत रखकर भगवान श्रीराम-सीता की पूजा करें तो उनकी मनोकामना पूरी हो सकती है।

मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं और योग्य जीवनसाथी मिलता है। इन उपायों को विवाह योग्य लड़का या लड़की दोनों में से कोई भी कर सकता है। आगे जानिए इन उपायों के बारे में.

1. विवाह पंचमी पर निराहार व्रत रखें और विधि-विधान से देवी सीता और भगवान श्रीराम की पूजा करें। साथ ही उन्हें गाय के दूध से बनी खीर का भोग भी लगाएं। इस उपाय से जल्दी विवाह के योग बन सकते हैं।
2. यदि विवाह में बार-बार अड़चने आ रही हैं तो 8 दिसंबर को श्रीरामचरित मानस की इस चौपाई का जाप कम से कम 108 बार करें।
मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर साँवरो।
करुना निधान सुजान सीलु सनेहु जानत रावरो॥
एहि भाँति गौरि असीस सुनि सिय सहित हियँ हरषीं अली।
तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली॥
3. श्रीराम भगवान विष्णु के ही अवतार थे और सीता देवी लक्ष्मी की। इसलिए विवाह पंचमी पर गाय के दूध में केसर मिलाकर विष्णु-लक्ष्मी का अभिषेक करें। इससे भी शीघ्र विवाह के योग बन सकते हैं।
4. अगर ग्रहों के अनुकूल न होने पर विवाह में देरी हो रही है तो उस ग्रह से संबंधित दान विवाह पंचमी पर करना चाहिए। इससे जल्दी ही शुभ फल मिलने लगते हैं।
5. अगर आप विवाहित है आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ रही हैं तो आप श्रीरामचरित मानस की इस चौपाई का जाप कम से कम 108 बार करें।
सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥
नारद बचन सदा सुचि साचा। सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा॥
6. विवाह पंचमी यानी 8 दिसंबर को पहले देवी सीता को सुहाग की सामग्री अर्पित करें और बाद में से किसी ब्राह्मण स्त्री को दान कर दें। इससे आपकी विवाह संबंधी हर मनोकामना पूरी हो सकती है।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।