पत्नी की दूसरी शादी की खबर से तनाव में आए पति ने लगाई फांसी, मौत 

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

इंदौर। तनाव में आए युवक ने, मेरी मौत की खबर इस नंबर पर दे देना लिखकर फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि युवक की पत्नी उस पर घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा उसे छोड़ गई और अब उसने दूसरी शादी कर ली। इससे तनाव में आकर उसने आत्महत्या कर ली।
पुलिस के मुताबिक नेहरू नगर की गली नंबर 5 में रहने वाले उमेश उर्फ मुन्ना (35) पुत्र यशराज चावडे ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। सुबह उसके पिता काम से बाहर गए थे। दोपहर में वापस आए तो उन्होंने बेटे को कमरे में फंदे पर लटके देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें लिखा है कि मेरे मरने के बाद उक्त नंबर पर आत्महत्या की जानकारी दे दी जाए। पुलिस ने जब उस नंबर पर फोन लगाया तो वह उसकी पत्नी का मोबाइल नंबर निकला। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बता दे कि 2018 में बड़नगर के उमेश की शादी उज्जैन की रेणु से हुई। शादी के एक साल बाद ही दोनों के बीच  विवाद होने लगे और रेणु अपने मायके आ गई और कुछ समय बाद परिवार वालों ने पिछले दिनों रेणु की दूसरी जगह शादी करा दी।
इस बीच उमेश इंदौर आकर नौकरी करने लगा। शादी के पहले रेणु उमेश पर घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज करा चुकी थी।
मृतक के परिवार ने बताया कि उमेश बड़नगर में एक दुकान पर काम करता था। करीब एक माह पहले पत्नी रेणु की दूसरी शादी की जानकारी मिली थी। इसके बाद से ही वह तनाव में था और बड़नगर से इंदौर आ गया।
दुकानदार द्वारा उसे लगातार नौकरी पर वापस आने के लिये कॉल आते रहे, लेकिन वह वापस नहीं गया। उमेश के परिवार में उसका एक बड़ा और एक छोटा भाई व बहन है। सभी एक ही घर में साथ में रहते थे।
पुलिस के मुताबिक रेणु के माता-पिता उज्जैन के रहने वाले थे। उमेश से उसकी शादी 2018 में हुई थी। शादी के एक साल बाद ही 2019 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद पत्नी वापस नहीं आई। 2020 में रेणु ने उमेश पर घरेलू हिंसा का केस लगा दिया था।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।