Tag: ज्योतिषाचार्य विनोद जैन

मेरे अंदर बसा सौरमंडल और दसलक्षण धर्म

ग्रहों को बाहर नहीं, अपने भीतर साधने का आध्यात्मिक चिंतन : क्षमा…

भारत की कुंडली में त्रिग्रही योग, बड़े बदलावों के संकेत  

ज्योतिषाचार्य श्री विनोद जैन (प्रभु) दैनिक सदभावना पाती इंदौर। वैदिक ज्योतिष की…

तुला में शुक्र-बुध की वक्री चाल: रिश्तों, व्यापार और निर्णयों के पुनर्मंथन का समय

ज्योतिषाचार्य श्री विनोद जैन (प्रभु) दैनिक सदभावना पाती इंदौर। आकाशीय ग्रहों की…

उत्तम आकिंचन्य : मेरा, छोड़कर आत्मा के निकट आने की साधना

दशलक्षण पर्व का नौवां धर्म सिखाता है—वस्तु छोड़ना त्याग है, लेकिन वस्तु…

उत्तम त्याग : देने की साधना और भीतर के राग-द्वेष को छोड़ने का धर्म

दशलक्षण पर्व का आठवां धर्म सिखाता है—धन-संपत्ति का सदुपयोग दान में और…

उत्तम तप : इच्छाओं का संयम, कर्मों की निर्जरा और आत्मशुद्धि की साधना

ज्योतिषाचार्य श्री विनोद जैन (प्रभु) Best Astrologer in Indore। दशलक्षण पर्व के…

उत्तम संयम : जीवों की रक्षा और इन्द्रियों पर विजय

दशलक्षण पर्व का छठा धर्म सिखाता है—बाहर के संसार को जीतने से…

धूप दशमी : धूप की सुगंध से महकेंगे जिनालय, संयम और आत्मशुद्धि का संदेश

पर्व सुगंध दशै दिन जिनवर पूजै अति हरषाई, सुगंध देह तीर्थंकर पद…