यातायात प्रबंधन पुलिस की टीम शैक्षणिक संस्थानों में भ्रमण कर बसों का कर रही परीक्षण

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sadbhawnapaati
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पुलिस उपायुक्त, यातायात प्रबंधन, महानगर इंदौर महेश चंद जैन द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने यातायात प्रबंधन बीट क्षेत्र के स्कूल/कॉलेज शैक्षणिक संस्थान जिनकी बसें चलती है उन सभी विद्यालयों में जाकर चेक करें की माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं शासन के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है, अथवा नहीं ।

उक्त सूचना पर यातायात प्रबंधन पुलिस के निरीक्षक/सूबेदार द्वारा अपनी टीम के साथ यातायात प्रबंधन बीट क्षेत्र में आने वाले स्कूलों की सूची बनाकर शैक्षणिक संस्थानों में भ्रमण किया  गया।

शैक्षणिक संस्थानों में टीम द्वारा बसों के जरूरी दस्तावेज व स्पीड गवर्नर की जानकारी ली जा रही है साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्कूल/कॉलेज बसो के संचालन के सम्बंध में जारी दिशानिर्देशों के अनुसार शैक्षणिक संस्था के बस में आगे एवं पीछे स्कूल बस लिखा होना जरूरी है, फर्स्ट एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर लगाना, खिड़कियों में ग्रिल लगाना, अग्निशमन यंत्र, स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर लिखना बस में लॉक होने वाला डोर, सीट के नीचे स्कूल बैग रखने की जगह, बच्चों को उतारने चढ़ाने व रोड पार कराने के लिए अनुभवी अटेंडेंट रखना भी अनिवार्य है।

बस में शिक्षक, शिक्षिका का होना अनिवार्य है, वाहन का रंग पीला व फिटनेस व परमिट होनी चाहिए।

परिवहन यान चलाने का 5 साल का अनुभव रखने वाला चालक जिसके विरुद्ध कोई खतरनाक यान चालन या अत्यधिक स्पीड चालन का अपराध का दोषी न हो उससे ही बस का चालन करवाना चाहिए आदि नियमो से भी अवगत करवाया जा रहा है साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इन निर्देशों का पालन करवाया जा रहा है अथवा नहीं। यातायात प्रबंधन पुलिस द्वारा चेकिंग लगातार जारी रहेगी। यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी।

आम जनमानस से भी अनुरोध है कि आपकी जानकारी में किसी स्कूल /कॉलेज बस द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के उल्लंघन के बारे में बात सामने आती है तो डीसीपी, यातायात प्रबंधन को 75876-32005 पर व्हाट्सएप कर जानकारी साझा कर सकते हैं।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।