पेड़ों को भी चाहिए सांस लेने की जगह

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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गुजराती कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल एवं पर्यावरणविद डॉ. ओ.पी. जोशी की सक्रियता पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से बड़ी कार्रवाई हुई।
वार्ड 78, नालंदा परिसर (हनुमान मंदिर के पास) मकान नं. HB-13 के बाहर लगे पुराने पेड़ पर किया गया सीमेंट-कंक्रीट व पेवर आज हटा दिया गया।

पेड़ के तने तक कंक्रीट करना राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) आदेश क्रमांक 82/2013 का उल्लंघन है।
निगम टीम ने मौके पर पेवर हटाकर मिट्टी भरी, जिससे पेड़ को प्राकृतिक रूप से सांस लेने की राहत मिली।

अपील: शहर में ऐसे हजारों पेड़ हैं जिन पर पेवर या कंक्रीट चढ़ा दिया गया है। यह पेड़ों की जड़ों को दम घोंट देता है।
आइए, हम सब मिलकर ऐसे पेड़ों को बचाने की मुहिम में साथ दें और पेड़ों के आसपास मिट्टी छोड़ें।

#SaveTrees #Environment #Indore

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।