उमा भारती का शराबबंदी पर फिर बयान , अब ट्वीट कर नई शराब नीति पर कही यह बात

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sadbhawnapaati
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मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज एक बार शराबबंदी पर अपना पुराना राग अलापा। उन्होंने राज्य की शराब नीति पर सवाल उठाए।
साथ ही कहाकि इससे महिलाएं भौंचक्की हैं क्योंकि वे पार्टी से ऐसे निर्णय की अपेक्षा नहीं रखतीं।
उमा भारती ने अपने ट्वीट में कहाकि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने भी खुलेआम नई शराब नीति का विरोध किया है। शराब एवं नशा राजनीतिक नहीं, सामाजिक विषय हैं। ऐसे विषय पर फैसले लेते समय सामाजिक परामर्श बहुत जरूरी है।

पीएम मोदी का भी जिक्र

उमा ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि कानून के मामले में पीएम मोदी ने बड़प्पन दिखाया और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कानून वापस लिए।
ये उनके बड़प्पन एवं महानता की जीत थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनकी मुलाकात के समय उन्होंने उनसे आग्रह किया कि क्रमिक शराबबंदी से पूर्ण निर्णय शराबबंदी की ओर बढ़ना चाहिए।

कहा-ऐसे तो शराब से सराबोर हो जाएंगे गली-मोहल्ले

शराब नीति के प्रावधानों का संदर्भ देते हुए उमा भारती ने कहाकि घर में 11 बोतल ले जाने की अनुमति एवं एक के बदले में एक मुफ्त बोतल दिए जाने की नीति से तो घर, गली, मोहल्ला, शराब से सराबोर हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहाकि वह इस विषय पर आवश्यक परामर्श करके कोई फैसला लेंगे। इसी क्रम में उन्होंने कहाकि इस नई शराब नीति से खासकर महिलाएं एवं लड़कियां भौंचक्के हैं। वह हमसे इस तरह की अपेक्षा नहीं रखते हैं।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।