मप्र में शराबबंदी पर शिवराज के इशारों-इशारों पर इनकार से उमा बैकफुट पर आईं, अनबोला करने पर ऐसे सामने आईं

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मध्य प्रदेश में शराब बंदी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इशारों ही इशारों में साफतौर पर इनकार कर दिया है तो इसका अभियान चलाने का ऐलान करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता उमा भारती बैकफुट पर आ गई हैं।
उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को 1984 से लेकर अब तक के संबंधों का स्मरण कराते हुए अब शिवराज के मीडिया के माध्यम से बातें करने का तंज कसा है और कहा कि अगर शराब की बिक्री को लेकर कुछ प्रयासों के सुझाव ट्वीट कर सरकार को दिए हैं

कई महीनों से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती शराब बंदी को लेकर अभियान चलाने के लिए तैयारी कर रही थीं लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनका नाम लिए बिना इससे इनकार कर दिया है।

चौहान के अप्रत्यक्ष रूप से मिले इस जवाब के बाद उमा भारती ने एक बाद एक लगातार दर्जनभर ट्वीट करके अपनी बात रखी है।

इसमें उनके बैकफुट पर आने के संकेत दिखाई दिए हैं। उन्होंने अब सरकार को शराब की बिक्री के लिए कुछ सुझाव दिए हैं जिनमें से कुछ शराब नीति में शामिल भी हैं।

पुरानी बातें याद दिलाईं

भारती ने चौहान को उनके साथ 1984 से लेकर अब तक के संबंधों की याद दिलाई है। मैं कहीं भी जाती थी तो शिवराज मुझसे मिलने आते थे और फोन पर बात करते थे।

शराब बंदी पर उनसे हुई दो बार की मुलाकात भी याद दिलाई। मगर भारती के ट्वीट में इस बात के संकेत दिखाई देते हैं कि वे दुखी हैं कि शिवराज सिंह चौहान ने उनसे बात नहीं की और शराब बंदी पर उन्होंने बात कह दी। भारती को यह भी दुख है कि वे मीडिया के माध्यम से बात कर रहे हैं।

अब भारती ने यह दिए सुझाव

  •  अहातों में शराब परोसने की व्यवस्था हम तुरंत बंद करें।
  •  स्कूल, अस्पताल, मंदिर एवं अन्य निषिद्ध स्थानों के पास शराब की दुकानें भी बंद हों।
  • घर-घर शराब पहुंचाने की घिनौनी व्यवस्था तुरंत रुके।
  • जहां महिलाएं या नागरिक विरोध करें वहां दुकाने ना खोली  जाएं।
  • फिर जो वैध एवं उचित स्थान पर शराब की दुकानें हों, वहां फोटो के साथ होर्डिंग लगें कि शराब पीने से क्या-क्या नुकसान होते हैं।
  • फिर जागरूकता अभियान चले जिसमें सभी धर्मों के साधु संत, सामाजिक संस्थाएं तथा सभी दलों के नेता शामिल हों
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