इंदौर में बेरोज़गारों  के सब्र का बाँध टूटा, नौकरी के लिए तिरंगा लेकर निकले सड़कों पर, जमकर नारेबाजी की

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Indore News in Hindi – प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा में अब इनका सब्र जवाब देने लगा है। इंदौर में नौकरी के लिए सत्याग्रह कर रहे हजारों युवा रविवार को हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए। पैदल मार्च से एबी रोड का यातायात भी डायवर्ट करना पड़ा। बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी साथ चल रहे थे।
गौरतलब है कि यह छात्र सरकारी नौकरियों में भर्ती की मांग को लेकर 22 सितंबर से दीनदयाल उपवन के सामने सत्याग्रह कर रहे हैं। यह सत्याग्रह नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के बैनर तले हो रहा है। 21 सितंबर से शुरू हुआ है 28 सितंबर तक चलेगा।
सरकारी नौकरियों में भर्ती शुरू करने, रिक्त पदों के लिए लोक सेवा आयोग और व्यापमं के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने, बेरोजगारी भत्ता देने, संविदा भर्ती और आउटसोर्सिंग बंद करने की मांग को लेकर यह छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं।
रविवार को सत्याग्रह कर रहे युवाओं ने पैदल मार्च निकाला। इसमें हजारों युवा चल रहे थे। भंवरकुआं के दीनदयाल उद्यान से शुरू हुआ पैदल मार्च नवलखा, छावनी, आरएनटी मार्ग होते हुए गांधी प्रतिमा पहुंचा। सभी की जुबां पर एक ही नारा था- भर्ती करो, भर्ती करो, नौकरी दो, नौकरी दो। जैसे-जैसे पैदल मार्च भंवरकुआं चौराहे से आगे बढ़ा इसमें शामिल होने वाले युवक-युवतियों की संख्या बढ़ती गई। इसका एक सिरा जब नौलखा पर चिड़िया घर के सामने था तब दूसरा सिरा होलकर कॉलेज पर था।
पैदल मार्च पर निकले इन युवाओं का कहना है कि नौकरी के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। हम कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकारी नौकरियों में भर्ती बंद है इसके कारण उनके सामने बेरोजगारी की समस्या है और अब तो जीवन यापन में दिक्कत आने लगी है।
युवाओं ने जमकर नारेबाजी की
सत्याग्रह कर रहे युवाओं का कहना है कि दो दिन पहले जब हम सत्याग्रह के तहत सुंदरकांड का पाठ कर रहे थे, तब सत्याग्रह स्थल की लाइट प्रशासन ने बंद करवा दी थी तब वहां मौजूद छात्रों ने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जला कर पाठ किया था। शनिवार शाम इन लोगों ने भोलाराम उस्ताद चौराहे से भवर कुआं तक मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी की थी।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।