बेरोजगारी : पुलिस भर्ती की आस में ऐसा दौड़ा कि चली गई जान 

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sadbhawnapaati
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मप्र. सिवनी जिले के खेड़ा गांव में रहने वाले 22 वर्षीय एक युवक की, जो रांझी स्थित एसएएफ मैदान पर पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत ग्राउंड-टेस्ट देने के लिए आया था।
बताया जाता है कि उसके सीने में जोरों का दर्द उठा और वह मौके पर ही पस्त होकर गिर पड़ा।

मिली जानकारी के अनुसार खेड़ा जिला सिवनी में रहने वाला नरेंद्र कुमार गौतम आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए जबलपुर आया हुआ था। उसके साथ उसके पिता शंकर लाल गौतम भी आए थे। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था।

सुबह नरेंद्र को 800 मीटर दौड़ के लिए बुलाया गया। उसने यह दौड़ पूरी भी कर ली। इसके बाद तेज धूप और वातावरण की गर्मी के चलते नरेंद्र को बहुत जोराें की प्यास लग गई। बताया जाता है कि दौड़ के बाद रिलेक्स करने के पहले ही नरेंद्र ने एक झटके में काफी मात्रा में पानी पी लिया।

इसके उसे सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी और वह बेहोश हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नरेंद्र को रांझी अस्स्पताल ले जाया गया।

यहां गंभीर रोगियों के इलाज का इंतजाम नहीं होने की वजह से उसे जिला अस्पताल विक्टोरिया के लिए रेफर कर दिया गया।

विक्टोरिया में भी उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन यहां भी तमाम प्रयासों के बावजूद उसके प्राणों की रक्षा नहीं की जा सकी।

रांझी थाना प्रभारी विजय परस्ते का कहना है कि फिजिकल टेस्ट के दौरान नरेंद्र चक्कर खाकर बेहोश हो गया। उसके सीने में दर्द की शिकायत रही। उसे उपचार के लिए हास्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गई कायमी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एसपी भी पहुंचे हास्पिटल

ग्राउंड-टेस्ट के दौरान उम्मीदवार की मौत होने की खबर पाते ही एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा भी उस निजी अस्पताल में पुहंचे- जहां युवक को भर्ती कराया गया था। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और मृतक के परिजनों को सांत्वना भी दी।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।