द कश्मीर फाइल्स’  फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री बोले- भोपाली यानी होमोसेक्सुअल, दिग्विजय ने कहा- यह आपका निजी अनुभव होगा

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 कांग्रेस ने की माफी की मांग

देशभर में ‘द कश्मीर फाइल्स’  फिल्म पर बवाल मचा हुआ है. अब डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री एक बयान के जरिए विवादों में आ गए हैं. अग्निहोत्री के बयान पर राजनीतिक गलियारों में सियासत शुरू हो गई है. दरअसल कुछ हफ्ते पहले उन्होंने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू दिया था. इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि भोपाली होने का मतलब जनरली होमोसेक्सुअल या नवाबी शौक वाला व्यक्ति होता है. इस बयान पर अब भोपाल में विवाद छिड़ गया है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल
विवेक अग्निहोत्री के होमोसेक्सुअल वाले बयान पर जवाब देते हुए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, “विवेक अग्निहोत्री जी यह आपका अपना निजी अनुभव हो सकता है. यह आम भोपाल निवासी का नहीं है. मैं भी भोपाल और भोपालियो के संपर्क में 77 से हूं, लेकिन मेरा तो यह अनुभव कभी नहीं रहा. आप कहीं भी रहें “संगत का असर तो होता ही है.”

‘तुरंत माफी मांगे विवेक अग्निहोत्री’

पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी ट्वीट के जरिए विवेक अग्निहोत्री को निशाने पर लिया. उन्होंने लिखा, “सस्ती लोकप्रियता और पैसों के लालच ने इनका सिर घुमा दिया है. हमारे प्रदेश की राजधानी पर यह टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है. इनको तुरंत माफी मांगनी चाहिए. अगर नहीं तो क्या हमारे गृह मंत्री जी इन पर FIR दर्ज करवायेंगे?”

अग्निहोत्री के बचाव में बीजेपी

बयान पर बीजेपी विवेक अग्निहोत्री के बचाव में आ गई है. बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने ट्वीट कर कहा कि इसमें विवेक अग्निहोत्री की क्या गलती? जब भोपाल की पहचान ही नवाबों से होती थी, तो ‘शौक’ भी उनके ही जाने जाते थे. अब पहचान राजा भोज और रानी कमलापति से है, तो धर्म संस्कृति और शौर्य की चर्चा होती है

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।