National News – लड़कियों की शादी की उम्र से जुड़ा बिल स्थायी समिति को भेजा गया, तीन महीने के भीतर पेश करना होगा रिपोर्ट

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

बिल में शादी की न्यूनतम उम्र को 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रावधान है.

विवादित बाल विवाह निरोधक संशोधन बिल को समीक्षा के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया है. आधिकारिक सूचना के मुताबिक शिक्षा, महिला-बाल विकास और युवा मामलों से जुड़ी स्थायी समिति इसपर विचार करेगी. इस समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ बीजेपी नेता विनय सहस्रबुद्धे हैं. समिति को अपनी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर पेश करने को कहा गया है. अगर तय समय में समिति अपनी रिपोर्ट पेश कर देती है तो अगले बजट सत्र के दौरान ही बिल को संसद में बहस के लिए लाए जाने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक बजट सत्र के 31 जनवरी से शुरू होकर मई के पहले हफ्ते तक चलने की संभावना है.

शीतकालीन सत्र में बिल किया गया था पेश

लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र बढाने से जुड़ा बिल हाल ही में समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र के आख़िरी दिनों में पेश किया गया था. बिल में शादी की न्यूनतम उम्र को 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रावधान है. बिल पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद से ही विवाद तेज हो गया था. कुछ सांसदों ने बिल ले प्रावधानों पर टिपण्णी करते हुए यहां तक कह दिया था कि शादी की उम्र सीमा बढाने से लड़किया आवारा हो जाएंगी.

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।