नियमानुसार जीरो डिस्चार्ज का पालन किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने दी जानकारी अधिकारियों के अनुसार सोमवार को भी टीम यहां पहुंची थी, तब यहां पर लगा ईटीपी काम कर रहा था। तब पाइपलाइन का पता नहीं था। इसी बीच ग्रामीणों ने पाइपलाइन से पानी छोड़े जाने की सूचना दी। इस पर टीम फिर जांच करने पहुंची थी।
फैक्ट्रियों में खामी मिली तो होगी कार्रवाई
सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में एक ओर जहां जिला प्रशासन, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम जांच कर कमी मिलने वाली फैक्ट्रियों को सील कर रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की आठ टीमें भी 500 से ज्यादा फैक्ट्रियों की जांच कर रही है। ये सभी टीमें तीन-चार दिन में रिपोर्ट तैयार करेंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर फैक्ट्रियों पर एक साथ कार्रवाई की जाएगी। सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में पिछले दो दिन में 52 फैक्ट्रियों की जांच हुई है। इस क्षेत्र में संयुक्त अपशिष्ट उपचार संयंत्र लगा हुआ है। उद्योगों से संयंत्र तक पाइपलाइन पहुंचाई गई है। इस वजह से यहां पर अभी तक हुई जांच में किसी भी फैक्ट्री में टीमों को खामी नहीं मिली है। बरदरी क्षेत्र में विगत दो दिन में 22 फैक्ट्रियों की जांच की गई है। इसके अलावा कुमेड़ी क्षेत्र में दो दिन में 15 फैक्ट्रियों की जांच हुई है। कुमेड़ी और बरदरी क्षेत्र में सीवरेज पाइपलाइन नहीं डाली गई है। ऐसे में निगम प्रयास करेगा कि इस क्षेत्र में सभी फैक्ट्रियों में ईटीपी प्लांट लगा हो और चालू स्थिति में हो।
हमारे यहां पर 450 टन क्षमता का ईटीपी प्लांट है, जिससे निकले उपचारित पानी को हम परिसर में बागवानी में उपयोग में लेते हैं। यह भी हमें कम पड़ जाता है। यह पुरानी लाइन डली हुई थी। जिसे हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। -सुधीर गुप्ता, फैक्ट्री मैनेजर, रुचि सोया