MP News – 8 फरवरी को सीएम शिवराज सिंह देंगे 300 करोड़ की सौगात

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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अब तक आजीविका मिशन से 40 लाख से अधिक ग्रामीण निर्धन परिवारों को लगभग 3 लाख 50 हजार स्व-सहायता समूहों से जोड़कर 2,762 करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
MP News. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान 8 फरवरी को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में आयोजित कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ की सौगात देंगे।इसके तहत जिलों के समूह सदस्यों से वे संवाद भी करेंगे और पंचायत स्तर के समूह कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे खास बात ये है कि इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया एवं राज्‍य मंत्री  रामखेलावन पटेल भी उपस्थित रहेंगे।

सीएम शिवराज सिंह चौहान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित स्व-सहायता समूह के सदस्यों को 300 करोड़ रूपये के बैंक ऋण वितरित करेंगे। साथ ही कुछ जिलों के स्व-सहायता समूह सदस्‍यों से वर्चुअल संवाद भी करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 8 फरवरी को प्रात: 10:30 बजे होने वाले इस वर्चुअल कार्यक्रम में सभी जिलों में ग्राम पंचायत स्‍तर पर समूह सदस्‍य विभिन्‍न वर्चुअल माध्‍यमों से जुड़ेंगे।

मध्य प्रदेश में अब तक आजीविका मिशन से 40 लाख से अधिक ग्रामीण निर्धन परिवारों को लगभग 3 लाख 50 हजार स्व-सहायता समूहों से जोड़कर 2,762 करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कोरोना काल में ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिये लॉकडाउन के समय से लगातार वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाता रहा है। राशि मिलने से समूह सदस्य अपनी वर्तमान आजीविका को और सुदृढ़ करते हुए आय में वृद्धि करेंगे, जिससे उनकी समृद्धि के द्वार खुलेंगे और उनका आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पहले से बेहतर हो सकेगा।

गौरतलब है कि मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत निर्धन परिवारों की महिला सदस्यों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण किया जा रहा है। आमतौर पर देखने में आता है कि ग्रामीण क्षेत्र में लोग बैंकिंग सेवा की प्रक्रियाओं में दस्तावेजीकरण और अन्य औपचारिकताओं की कठिनाई के कारण पात्र होने के बावजूद विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। राज्य सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को सरल करने के उद्देश्य से बैंकों के साथ व्यापक स्तर पर समन्वय स्थापित कर स्व-सहायता समूहों के लिये पर्याप्त बैंक ऋण आसानी से उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है।

स्व-सहायता समूहों के बैंक ऋण प्रकरण सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रस्तुत करने के साथ सघन निगरानी एवं पारदर्शी प्रक्रिया बनाई गई है। बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाने के लिये मिशन द्वारा बैंक शाखाओं में बैंक सखियाँ भी चिन्हित की गई हैं, जो समूह सदस्यों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक संबंधी कार्यों में सहयोग कर रही हैं।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।