दक्षिण चीन सागर में एक महत्वपूर्ण घटना घटी है। 28 सितंबर को फिलीपींस तटरक्षक बल (पीसीजी) ने कोटा द्वीप के पास चीनी समुद्री मिलिशिया जहाज 9622 और उसके द्वारा तैनात 24 छोटी नावों को खदेड़ दिया। यह घटना क्षेत्र की भू-राजनीति के लिए उल्लेखनीय है।
सुबह करीब दस बजे पीसीजी कर्मियों ने देखा कि चीनी जहाज द्वीप से 1.2 समुद्री मील दूर खड़ा था और छोटी नावें छोड़ रहा था। ये नावें द्वीप के तीन सौ गज के दायरे में मछली पकड़ रही थीं। ग्यारह बजे पांच सदस्यीय टीम ने रबर बोट से चुनौती दी। रेडियो संदेशों को नजरअंदाज करने वाले चीनी चालक दल ने हाथ के इशारों से जवाब दिया और तुरंत वापस चले गए। कोई टकराव नहीं हुआ।
यह सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं है। चीनी मिलिशिया अक्सर मछली पकड़ने का प्रदर्शन करते हुए मछुआरों का मुखौटा पहनकर उपस्थिति बढ़ाती है। यह फ़ोर्स मल्टिप्लिकेशन की रणनीति है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करती है। कोटा द्वीप फिलीपींस के कालायन नगरपालिका का अभिन्न अंग है। विदेशी जहाजों द्वारा बिना अनुमति मछली पकड़ना संप्रभुता, मत्स्य कानूनों और यूएनसीएलओएस का उल्लंघन है।
पिछले वर्षों में कई पूर्वी एशियाई देश चीनी दबाव के आगे झुकते दिखे। फिलीपींस का यह सक्रिय रुख सकारात्मक संकेत है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के नेतृत्व में पीसीजी लगातार ऐसी घुसपैठों को चुनौती दे रहा है। यदि क्षेत्र के अन्य देश भी इसी तरह प्रतिरोध करें, तो चीन को सबक मिलेगा।
भारत के लिए यह घटना महत्वपूर्ण है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र और खुले समुद्री मार्ग हमारे हितों से जुड़े हैं। फिलीपींस जैसी साझेदारी मजबूत होती है तो क्षेत्रीय संतुलन बेहतर होता है। दक्षिण चीन सागर में कानून का राज कायम रखना सभी लोकतांत्रिक देशों की साझा जिम्मेदारी है।


