Education News – असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर बड़ी अपडेट, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का बयान आया सामने

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Education News. मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जल्द सरकारी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की वैकेंसी आयोजित की जाएगी। इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया।
उन्होंने सरकारी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी पर चिंता व्यक्त की है।
उनका कहना है कि जल्द ही कॉलेजों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दरअसल मध्य प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर की वैकेंसी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से परीक्षा आयोजित कर पूरी की जाएगी।
वहीं इसके लिए अतिथि विद्वानों को अनुभव का लाभ नहीं देने पर विचार किया जा रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश में 65% पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है।
इसके लिए शिक्षकों की भर्ती होने के साथ ही साथ पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
वहीं शेष 35% पदों के लिए भी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से परीक्षा ली जाएगी।
 उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा कि इसके लिए शिक्षकों को अपनी योग्यता और प्रतिभा साबित करनी होगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया है कि भर्ती प्रक्रिया कब से शुरू होगी और इसे कब तक पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि जल्द सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी पूरी तरह से समाप्त होगी।
इतना ही नहीं, उनका कहना है कि दूसरे विभागों में अस्थाई तौर पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी गई थी।
उसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग में भी अस्थाई तौर पर नियुक्त किए हुए कर्मचारियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी अनुभव के आधार पर नियुक्त नहीं किया जाएगा बल्कि शिक्षकों को हर हाल में अपनी योग्यता को साबित करना होगा।
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण को लेकर कई भर्ती परीक्षाओं को रोका गया है।
ओबीसी आरक्षण पर फैसला आने के बाद मध्य प्रदेश में कई परीक्षाएं आयोजित की जाएगी।
माना जा रहा है कि शेष 35 पदों के लिए भी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 27% ओबीसी आरक्षण पर फैसले के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।