Education News – UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा टालने की मांग को लेकर उम्मीदवारों ने लगाई दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अलर्ट। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2021 की प्रधान परीक्षा को कोविड-19 के नए वैरीएंट ओमीक्रॉन के संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्थगित किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी है। ऐसे में जबकि यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के दो दिन में शुरू होने जा रही है, इसके पहले चरण यानि प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित कुछ उम्मीदवारों द्वारा ही दायर की गयी याचिका में मांग की गयी है कि परीक्षा को ओमीक्रॉन के तेजी से फैलते संक्रमण के कारण स्थगित किया जाए। बता दें कि यूपीएससी द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2021 का आयोजन 7 जनवरी से 16 जनवरी 2022 तक तीन-तीन घंटे की दो पालियों में किया जाना है।

दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ती डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए प्रस्तुत की गयी इस याचिका को परीक्षा शुरू होने के एक दिन पहले ‘अर्जेंट हियरिंग’ के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इस मामले की सुनवाई कल यानि 6 जनवरी 2022 को होनी है। याचिकाकर्ताओं द्वारा याचिका में कहा गया है कि ऐसे में जबकि देश में कोविड-19 की तीसरी लहर शुरू हो रही है, परीक्षा के आयोजन का यह सही समय नहीं है।

दूसरी तरफ, सिविल सेवा प्रधान परीक्षा 2021 की तैयारी में जुटे देश भर से उम्मीदवार परीक्षा को फिलहाल टाले जाने की मांग कर रहे हैं। इन उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए परीक्षा स्थगित किए जाने की गुहार सरकार से लगायी जा रही है।

ऐसे में अब कुछ उम्मीदवारों द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर 6 जनवरी 2022 होने वाली सुनवाई के बाद परीक्षा के आयोजन या टाले जाने पर निर्णय आएगा।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।