Health News – नए रिसर्च में खुलासा: इस ब्लड ग्रुप के लोगों को कोरोना  संक्रमण का खतरा ज्यादा

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल द्वारा की गई नई स्टडी में यह पाया गया है कि, कोविड होने का रिस्क आपके ब्लड ग्रुप से भी जुड़ा हुआ है.
इस स्टडी को इंटरनेशनल जर्नल फ्रंटियर्स इन सेल्यूलर एंड इंफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी के संस्करण में भी प्रकाशित किया जा चुका है. हालांकि ब्लड ग्रुप और कोविड द्वारा होने वाली मृत्यु के बीच कोई संबंध नहीं है.
इस स्टडी के मुताबिक जिन लोगों का ब्लड ग्रुप A, B और RH है, उन्हें कोविड होने का खतरा सबसे अधिक है. वहीं जिनका ब्लड ग्रुप O, AB और RH- है, उन्हें कोविड संक्रमण होने का खतरा सबसे कम है.
गंगाराम अस्पताल से डॉक्टर रश्मि राणा का कहना है कि 2020 में 8 अक्टूबर तक अस्पताल में लगभग 2586 मरीज आए थे. इन मरीजों में से 41% पॉजिटिव मरीज B ब्लड ग्रुप के पाए गए थे और इस ब्लड ग्रुप को कोविड होने का सबसे ज्यादा खतरा है.
इन मरीजों में से 29% A ब्लड ग्रुप वाले लोग थे और सबसे कम पॉजिटिव ‘O’ ब्लड ग्रुप पाया गया, जिसके केस केवल 21% ही थे. AB ब्लड ग्रुप के केवल 7.98% केस ही पाए गए थे. इसके अलावा RH फैक्टर के भी बहुत अधिक पॉजिटिव केस मिल रहे थे. इस फैक्टर के नेगेटिव ग्रुप के केवल 2% केस ही आए थे.
अगर सबसे कम खतरे वाले ब्लड ग्रुप की बात करें तो वह है AB ग्रुप. इस स्टडी में एक और बात सामने आई की B ब्लड ग्रुप में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को अधिक कोविड होने का खतरा पाया गया है.
इस ग्रुप में 60 साल से ऊपर के पुरुषों को अधिक कोविड देखने को मिला है. ब्लड ग्रुप A or RH के जो लोग पॉजिटिव पाए गए थे, वह ठीक होने में काफी कम समय ले रहे थे.
वहीं अगर सबसे अधिक ठीक होने का समय लेने की बात करें तो ऐसा ‘O’ और RH नेगेटिव ब्लड ग्रुप में पाया गया था.
इस स्टडी के माध्यम से पहली बार यह बात सामने आई है कि आप को कोविड होने का खतरा आप के ब्लड ग्रुप पर भी निर्भर करता है.
इन ब्लड ग्रुप में कोविड कितनी गंभीरता से अटैक करता है या जानलेवा भी हो सकता है या नहीं, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.
यह नतीजे अप्रैल 2020 से लेकर अक्टूबर 2020 तक के बीच आने वाले कोविड मरीजों के ऊपर की स्टडीज की है.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।