Health News – देश में टीकाकरण अभियान ने पकड़ी रफ्तार, वैक्सीनेशन का आंकड़ा 131 करोड़ के पार

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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कोरोना वायरस के नए और खतरनाक वेरिएंट माने जा रहे ओमीक्रॉन वेरिएंट के भारत में एंट्री के इतर देश में टीकाकरण का अभियान निरंतर जारी है और कोविड-19 वैक्सीन की डोज का कुल आंकड़ा 131 करोड़ को पार कर गया है. टीकाकरण अभियान के तहत गुरुवार को 67 लाख से ज्यादा डोज दिए गए.
भारत सरकार की ओर से गुरुवार देर रात जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में गुरुवार शाम 7 बजे कोविड-19 वैक्सीन की डोज का कुल आंकड़ा 131 करोड़ के पार कर गया है. पूरे देश में गुरुवार तक कुल 131,09,90,768 डोज दिए गए. जब तक अकेले गुरुवार को 67 लाख से ज्यादा यानी 67,11,113 डोज दिए गए.
बूस्टर डोज की 9 महीने तक जरुरत नहींः मंत्रालय
दुनियाभर में ओमीक्रॉन वेरिएंट के उभार को देखते हुए हर ओर बूस्टर डोज की मांग बढ़ी है और भारत में भी बूस्टर डोज की अनुमति दिए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया कि दोनों डोज लेने वालों के लिए 9 महीने तक किसी अन्य डोज लेने की जरुरत नहीं होगी.
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित संसदीय समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई कि वैक्सीन के दो डोज ले चुके लोगों को अगले 9 महीने तक तीसरे डोज लेने की कोई जरूरत नहीं है. ये बूस्टर डोज नहीं बल्कि तीसरा डोज कहलाएगा.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक तीसरे डोज को लेकर कोई पॉलिसी नहीं बनी है. साथ ही बच्चों को वैक्सीन दिए जाने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका बल्कि उस पर अभी भी रिसर्च जारी है. फिलहाल देश में 5 राज्यों में ओमीक्रॉन वेरिएंट के 23 केस सामने आ चुके हैं. ओमीक्रॉन के सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में आए हैं और यहां पर अब तक 10 केस दर्ज हो चुके हैं.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।