Health Tips – Yoga Tips – गुस्सा जाओगे भूल दिमाग’ रहेगा कूल 15 मिनिट का करो ये योगासन 

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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Health Tips .कुछ लोगों को गुस्सा बहुत ज्यादा आता है. यह उनके आसपास मौजूद लोगों के साथ खुद उनके लिए भी नुकसानदायक हो सकता है. अत्यधिक गुस्सा करने के कारण आपको मानसिक अशांति प्राप्त होती है. मगर यहां बताए गए योगासनों को रोजाना 15 मिनट करने से आपका दिमाग बिल्कुल शांत बनेगा और आप गुस्सा करना बंद कर देंगे. आप बेहतर तरीके से सोच-समझ पाएंगे कि आपके लिए सही क्या है और गलत क्या है?

गुस्सा करने की आदत दूर करने के लिए योगासन (Yogasana to Calm Anger).
पतंजलि योग पीठ के मुताबिक, योगासन के लाभ प्राप्त करने के लिए कम से कम 15 मिनट तक योगा का अभ्यास करना चाहिए. इस अवधि में हमारे शरीर को फायदे मिलना शुरू हो जाते हैं और इतना समय भागदौड़ भरी जिंदगी से निकालना मुश्किल भी नहीं है. आइए, गुस्सा शांत करने वाले योगासनों के बारे में जानते हैं.

अनुलोम विलोम प्राणायाम.
अनुलोम-विलोम प्राणायाम दिमाग और शरीर को शांत करने का बेहतर तरीका है. इसे करने के लिए आप जमीन पर कमर और सीना सीधा करके बैठ जाएं. अब एक हाथ को घुटने पर टिका लें और दूसरे हाथ की एक उंगली से बायीं नासिका को बंद करके दायीं नासिका से आराम और सरलता से सांस अंदर खींचें. अब अंगूठे से दायीं नासिका बंद करें और बायीं नासिका से उंगली हटाकर सांस आराम से छोड़ें. फिर इसी बायीं नासिका से सांस खींचें और इसे बंद करके दायीं नासिका से छोड़ें.

गणेश मुद्रा.
गणेश मुद्रा आत्मविश्वास बढ़ाने और दिमाग शांत करने में मदद करती है. आप गणेश मुद्रा को करने के लिए कमर सीधी करके बैठ जाएं और कंधों को ढीला छोड़ दें. इसके बाद अपनी बायीं हथेली को दिल के सामने लेकर आएं. हथेली शरीर के बाहर की तरफ रखें. अब दायीं हथेली को भी उठाकर बायीं हथेली के पास लेकर आएं और हथेली को शरीर की तरफ रखें. अब दोनों हाथों की उंगलियों को एक-दूसरे में फंसा लें और इसी स्थिति में धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें.

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।