बैंक नोट प्रेस देवास में लगी हाईस्पीड मशीन

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sadbhawnapaati
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बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) देवास में एक लाइन हाईस्पीड मशीन इंस्टाल होने से 200 और 500 रुपये के नोटों की छपाई में गति आ गई है। कोरोनाकाल में कारखाना बंद होने और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के बाद भी बीएनपी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में चार हजार मिलियन (एक मिलियन —-10 लाख रुपये) नोट छापकर टारगेट पूरा कर लिया।

एक अप्रैल से 2022-23 का नया वित्तीय वर्ष प्रारंभ हो गया है। अब तक लगभग 150 मिलियन रुपये का उत्पादन हो चुका है। वर्ष 1998 के बाद दूसरी बार मशीनों को बदला गया है। इसके पहले 2011 में नई मशीन लगाई गई थी।

यह है एक लाइन मशीन की विशेषता

जानकारों के अनुसार चार सेक्शन में मशीनें होती हैं, लेकिन वे आपस में लिंक होती हैं, इसलिए उसे एक लाइन मशीन कहते हैं। कागज चार सेक्सन में जाकर पूरा नोट बनता है।

इसमें सबसे पहले आफसेट मशीन में नोट की डिजाइन प्रिंट होती है, दूसरे सेक्शन में उत्कीर्ण मुद्रण मशीन से उभरी हुई प्रिंटिंग जिसमें अक्षर, महात्मा गांधी प्रिंट होते हैं, तीसरे सेक्शन में नंबरिंग मशीन पर सीरीज से नंबर डलता है और चौथे सेक्शन में कटिंग मशीन से नोट की कटिंग होकर पैकिंग होती है।

200 और 500 के नोटों की हो रही छपाई

एक लाइन आधुनिक मशीन के लगने से नोटों की क्वालिटी और उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। सूत्रों की मानें तो आठ नवंबर 2016 को जब देश में नोटबंदी हुई थी, उसके बाद से ही देवास बीएनपी में 200 और 500 के नोटों की छपाई की जा रही है। फिलहाल इन्हीं नोटों की डिमांड अधिक है।

वर्ष 1924 में देश की पहली बैंक नोट प्रेस महाराष्ट्र के नासिक में स्थापित हुई थी, जबकि देवास की बैंक नोट प्रेस 1974 में स्थापित हुई। यहां एक साल में 265 करोड़ से अधिक नोट छपते हैं। पहले 20, 50, 100 और 500 के नोट छपते थे। अब डिमांड के अनुसार 200-500 के छपते हैं।

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