Indore News – इंदौर में कोरोना के निशुल्क इलाज के लिए 50 शासकीय और अशासकीय अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ा

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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इंदौर न्यूज़. कोरोना के निशुल्क इलाज के लिए जिले के 50 शासकीय एवं अशासकीय अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। यह जानकारी मंगलवार को अपर कलेक्टर अभय बेडेकर ने अस्पताल संचालकों की बैठक में दी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कोरोना मरीजों के लिए 3235 पलंग आरक्षित रखे गए हैं। 50 से अधिक पलंग क्षमता वाले 37 अशासकीय अस्पतालों में 1760 पलंग आरक्षित किए गए है। बाकी 1475 पलंग 13 शासकीय अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए रहेंगे। आयुष्मान योजना के तहत सभी 13 शासकीय अस्पतालों में 1475 पलंग और अशासकीय अस्पतालों में 528 पलंग निशुल्क इलाज के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस तरह आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क इलाज के लिए जिले में दो हजार से ज्यादा लग आरक्षित रहेंगे। जिला प्रशासन ने अस्पताल संचालकों से कहा है कि कोई भी अस्पताल आयुष्मान कार्डधारियों से किसी भी तरह की राशि नहीं ले। कोरोना मरीज आते ही उन्हें तत्काल भर्ती करें। सभी अस्पताल सुनिश्चित करें कि आक्सीजन प्लाट पूरी तरह कार्य कर रहा है। विदेश से लौटे आठ और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इन सभी के सफल जीनोम सिकसिंग के लिए भेज दिए गए हैं। अब तक विदेश से लौटे 34 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 11 में कोरोना का नया वैरिएट ओमिक्रॉन मिला है। जिन आठ लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है उनमें कोई खास लक्षण नहीं है। सीएमएचओ ड.बीएस सैत्या के मुताबिक पांच लोगों में 27 दिसंबर को और पांच में 28 दिसंबर को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।