मोदी सरकार की नई योजना राजपथ अब कहलाएगा कर्तव्यपथ

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                                                                                               नाम बदलने की  तैयारी में सरकार 

केंद्र सरकार राजपथ और सेंट्रल विस्टा लॉन का नाम बदलने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि केंद्र इसका नाम बदलकर कर्तव्यपथ करने जा रही है। नेताजी की प्रतिमा से राष्ट्रपति भवन तक के मार्ग को कर्तव्यपथ के नाम से जाना जाएगा। सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ सितंबर को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत विजय चौक से इंडिया गेट तक पूरे खंड का उद्घाटन करेंगे।

राजपथ के साथ बने सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में राज्यवार फूड स्टॉल, चारों ओर हरियाली, ग्रेनाइट पैदल मार्ग, वेंडिंग जोन, पार्किंग स्थल और चौबीसों घंटे सुरक्षा की व्यवस्था होगी। हालांकि, इस दौरान इंडिया गेट से मान सिंह रोड तक गार्डेन एरिया में उन्हें खाने की इजाजत नहीं होगी।

क्या है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट
सेंट्रल विस्टा परियोजना की सितंबर 2019 में घोषणा की गई थी। 10 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना की आधारशिला रखी थी। इनका निर्माण किया जा रहा…

-एक नया त्रिकोणीय संसद भवन
-एक सामान्य केंद्रीय सचिवालय
-तीन किलोमीटर के राजपथ का कायाकल्प
-नया प्रधानमंत्री आवास
-नया प्रधानमंत्री कार्यालय
-एक नया उपराष्ट्रपति एन्क्लेव

कुछ इस तरह का होगा नया संसद भवन
सेंट्रल विस्टा परियोना के तहत बनने वाली संसद भवन की नई इमारत करीब 65,400 स्क्वायर मीटर में बनाई जाएगी और यह भव्य कलाकृतियों से युक्त होगी। इमारत एक तिकोना ढांचा होगा और इसकी ऊंचाई पुरानी इमारत जितनी ही होगी।

इसमें एक बड़ा संविधान हॉल, सांसदों के लिए एक लाउन्ज, एक लाइब्रेरी, कई कमेटियों के कमरे, डाइनिंग एरिया जैसे कई कम्पार्टमेंट होंगे। बता दें कि इसके लोकसभा चैंबर में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा में 384 सीट होंगी।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।