National News – कांग्रेस आलाकमान असंतुष्टों के आगे झुका, महीने के अंत में CWC की बैठक संभव

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

National News. पंजाब छत्तीसगढ़ की बढ़ती रार समेत कांग्रेस (Congress) पार्टी में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच इस महीने के अंत में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हो सकती है. पार्टी आलाकमान से असंतुष्ट चल रहे जी-23 (G-23) के सदस्यों सहित कई दिग्गज कांग्रेसियों ने पंजाब समेत अन्य राज्यों में चल रही उथल-पुथल पर विचार-विमर्श के लिए कार्यसमिति की बैठक बुलाने की मांग की थी. इस बीच सूत्रों ने जानकारी दी है कि महीने के अंत में बैठक आहूत की जा सकती है. यह अलग बात है कि अभी भी बैठक के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है. सीडब्ल्यूसी बैठक आहूत करने को लेकर सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) भी पंजाब की हालिया कलह के बाद संकेत दे चुकी हैं.

पार्टी के स्थायी अध्यक्ष संगठनात्मक बदलाव की चल रही मांग
गौरतलब है कि पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद ही कपिल सिब्बल समेत मनीष तिवारी ने एक बार फिर आलाकमान को लेकर जोरदार बयानबाजी की थी. ऐसे में अब अंदरूनी सूत्र बता रहे हैं कि अक्टूबर के अंत में पार्टी के शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था सीडब्ल्यूसी की बैठक हो सकती है. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता जी -23 समूह का हिस्सा गुलाम नबी आजाद कपिल सिब्बल संगठनात्मक सुधार की मांग कर रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर चर्चा के लिए सीडब्ल्यूसी की तुरंत बैठक बुलाई जाए. पंजाब, असम समेत छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों में कांग्रेस को अंदरूनी उथल-पुथल औऱ कलह से जूझना पड़ रहा है. पंजाब के हालिया घटनाक्रम के बाद तो जी-23 समूह भी ज्यादा मुखर हो गया.

अध्यक्ष नहीं होने पर भी निर्णय पर उठाए गए सवाल

गुलाम नबी आजाद ने इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी पत्र लिखकर सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा है कि पार्टी को सुझावों का स्वागत करना चाहिए न कि उन्हें दबाना चाहिए. उनके अलावा कपिल सिब्बल ने भी एक नियमित अध्यक्ष की अनुपस्थिति में पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. सिब्बल ने भी एक बातचीत की प्रक्रिया की मांग की थी, जहां सभी वरिष्ठ नेताओं को सुना जाए. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अक्टूबर के अंत में सीडब्ल्यूसी की बैठक में अंदरूनी कलह के अलावा नियमित अध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम पर भी चर्चा हो सकती है.

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।