National News – न वकीलों से मिलने दिया जा रहा और न दिखाई जा रही FIR की कॉपी – प्रियंका गांधी 

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

National News. लखीमपुर खीरी कांड के बाद से पीड़ित परिवारों से मिलने की जिद पर अड़ी प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी हिरासत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बयान जारी कर आरोप लगाया है कि उन्हें गैर कानूनी तरीके से बलपूर्वक हिरासत में लिया गया। बिना किसी कानूनी आधार के उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें सीतापुर पीएसी परिसर में कैद रखा गया है। कांग्रेस महासचिव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कई घंटों से हिरासत में रखने के बाद भी उन्हें कोई नोटिस या एफआइआर नहीं दी गई है। प्रियंका ने कहा कि उन्हें अब तक किसी मजिस्ट्रेट या न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश तक नहीं किया गया है और न ही उन्हें अपने वकील से मिलने दिया गया है, जो की सुबह से ही परिसर के गेट पर खड़े हैं।

बता दें कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका सोमवार सुबह से सीतापुर में द्वितीय वाहिनी पीएसी के गेस्ट हाउस में हैं। वह लखीमपुर खीरी जाने पर अड़ी हैं, लेकिन वहां धारा 144 लागू होने की वजह से यह अनुमति नहीं मिल पा रही है। मंगलवार देर शाम प्रियंका ने कहा कि पीएसी परिसर लाए जाने के 38 घंटे बाद मंगलवार शाम 6.30 बजे तक पुलिस, प्रशासन या सरकार ने यह नहीं बताया कि उन्हें किन कारणों से और किन धाराओं में हिरासत में लिया गया है। 11 पाबंद लोगों में प्रशासन ने प्रियंका के साथ उन दो लोगों को भी नामजद कर दिया, जो लखनऊ से सिर्फ कपड़े देने आए थे। प्रियंका का कहना है कि मुझे सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह ने धारा 151 के तहत गिरफ्तार होने की मौखिक जानकारी दी थी।

दूसरी तरफ प्रियंका गांधी को हिरासत में रखे जाने के खिलाफ कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। विपक्ष ने लखीमपुर खीरी में किसानों को अपनी गाड़ी से रौंदने के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के आरोपित बेटे को अब तक गिरफ्तार नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया है। इस मामले को जोरशोर से उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं। उनका इरादा लखीमपुर खीरी जाने का है। लेकिन उप्र सरकार ने उन्हें दौरे की अनुमति नहीं दी है।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।