पुरानी पेंशन हर कर्मचारी का बुढापे का सम्मान है सरकार को इसे देना होगा :  विजय कुमार बंधु

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पुरानी पेंशन हर कर्मचारी का बुढापे का सम्मान है सरकार को इसे देना होगा :  विजय कुमार बंधु

इंदौर | पुरानी पेंशन बहाली हेतु एनएमओपीएस एवं अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु  के आह्वान पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लाखों लोग उप्र की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में पेंशन शंखनाद रैली में शामिल हुए। और पुरानी पेंशन बहाली हेतु सरकार से आमने सामने की लड़ाई का शंखनाद शंख ध्वनि से प्रारंभ किया। कार्यक्रम में देश के लगभग सभी प्रांतों से एनएमओपीएस के पदाधिकारी उपस्थित रहे। अलग अलग भाषाओं वाले साथियों के लिए बंधु ने कहा कि भले भाषा समझ आए या ना आए पर भावना समझ आनी चाहिए। देश भर में नई पेंशन योजना के खिलाफ आवाज उठ रही है और किसान कानून की भांति एनपीएस भी सरकार को वापस ले लेना चाहिए नहीं तो फिर सरकार को उखाड़ फेंकने में देर नहीं लगेगी।

पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन इंदौर के जिलाध्यक्ष दिनेश परमार ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल सभी लोग एक ही बात को कहते हुए नजर आ रहे थे कि जो पुरानी पेंशन बहाल करेगा वही देश पर राज करेगा,नहीं तो सभी कर्मचारियों को सरकार को उखाड़ फेंकने पर मजबूर होना पड़ेगा।

 मध्य प्रदेश से हजारों कर्मचारियों ने भाग लिया

पीड़ा के स्वर पत्रिका का हुआ विमोचन – जिलाध्यक्ष दिनेश परमार ने बताया कि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांत अध्यक्ष परमानंद डेहरिया ने कहा कि पेंशन योजना बहाली हेतु सभी विभागों के पेंशन विहीन कर्मचारियों को एक मंच पर आना चाहिए और एक स्वर में अपने अधिकार की मांग शासन से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठित होकर किए गए संघर्ष से विजय अवश्य ही प्राप्त होगी। मध्य प्रदेश से प्रांताध्यक्ष के साथ महामंत्री बाबूलाल मालवीय प्रदेश संगठन सचिव अजित श्रीवास्तव, मुकेश बघेल, बी के पटेल, मनमोहन जाटव, रामनरेश कुशवाहा, जी. एस. मेहर, भानु प्रताप सिंह परमार, मुरारी राय, रामनिवास लोधी,बद्री प्रसाद लोधी  व नारायण दास इमनाती के  साथ सैकड़ों पेंशन विहीन कर्मचारियों ने भाग लिया।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।