कोरोना मौत पर सियासत: कमलनाथ बोले प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा मौतें हुई, गृहमंत्री ने कहा मातम पर राजनीति हो रही

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sadbhawnapaati
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कोरोना से मौत को लेकर डब्ल्यूएचओ के आकड़ों सामने आने के बाद मध्य प्रदेश में सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा मौतें हुई हैं। सरकार जान बचाने के बजाए आकड़े दबाने में लगी रही। वहीं, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार कर कहा कि कांग्रेस मातम पर राजनीति कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं शुरू से ही कहता रहा हूं कि कोरोना से देश में लाखों लोगों की मौत हुई है, जबकि भाजपा सरकार लोगों की जान बचाने व सच्चाई स्वीकारने की बजाय आंकड़े दबाने-छिपाने में ही लगी रही।

कमलनाथ ने कहा कि मैंने मध्य प्रदेश को लेकर भी कहा कि यहां भी शिवराज सरकार के कुप्रबंधन के कारण मार्च और अप्रैल के महीने में श्मशान और कब्रिस्तानों में 1,27503 लोगों के अंतिम संस्कार हुये, इसमें से अगर 80 फीसदी भी कोरोना से मौतें हुईं हैं तो वो तादाद 1,02000 होती है। सरकार ने मुझे झूठा बताकर मेरे खिलाफ शिकायतें दर्ज करवा दी। जबकि हमने लोगों को इलाज, बेड, ऑक्सीजन, जीवन रक्षक दवाइयों व इंजेक्शन के अभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ते हुए देखा है।

कमलनाथ ने कहा कि अब तो WHO भी कह रहा है कि भारत में कोविड से सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं और सरकारी आंकड़े से 10 गुना ज़्यादा मौतें हुई हैं और मौतों का आंकड़ा 47 लाख से भी ज्यादा हैं।
इसी से समझा जा सकता है कि भाजपा सरकार किस प्रकार झूठ परोसती रही, झूठे आंकड़े परोसती रही। उसकी किसी भी घोषित योजना का लाभ पीड़ित परिवारों को नहीं मिला। अब सच्चाई सामने है। जिन लोगों ने अपनो को खोया है वो भाजपा सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे।

इस पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार कर कहा कि वह डब्ल्यूएचओ की मान रहे हैं, हिंदुस्तान की नहीं मान रहे। यह उनकी विशेषता है महान भारत को बदनाम भारत कैसे करें। पूरी कांग्रेस मातम की राजनीति पर आ गई है।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।