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प्रदेश में अभूतपूर्व सिंचाई क्षमता विकसित करने के लिये मुख्यमंत्री को आभार – मंत्री सिलावट

प्रदेश में शासकीय स्रोतों से कुल सिंचाई का रकबा हुआ 43 लाख हेक्टेयर

 
इंदौर। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षमताओं में अभूतपूर्व वृद्धि के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वप्न को साकार करने तथा कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने का उद्देश्य रखने वाले किसान पुत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में सिंचाई क्षमताओं का समुचित विकास किया जा रहा है, ताकि कृषि उपज को बढ़ाकर किसानों को आर्थिक रूप से अधिक उन्नत किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने दी लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति


मंत्री सिलावट ने बताया कि वर्ष 2003 में जहां प्रदेश में शासकीय स्रोतों से कुल सिंचाई का रकबा लगभग 07 लाख हेक्टेयर था। जो अब वर्तमान में लगभग 43 लाख हेक्टेयर हो गया है।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार किस तरह किसानों के हित में सतत कार्य कर रही है। नर्मदा घाटी विकास विभाग और जल संसाधन विभाग लगातार अनेक सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण कर सिंचाई क्षमता विकसित करने का काम कर रहे हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को नर्मदा नियंत्रण मण्डल की 73 वीं बैठक में मुख्यमंत्री चौहान द्वारा लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति एवं पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 04 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री चौहान सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के समरसता पूर्वक एवं समावेशी विकास के लिये निरंतर कार्य कर रहे हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गरीब और वंचित वर्ग एवं महिलाओं के लिये नित नयी कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण मुख्यमंत्री द्वारा किया जा रहा है।
17 हजार करोड़ की जिन सिंचाई परियोजनाओं को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है, वे परियोजनाऐं भी मुख्य रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के लिये हैं।
इनमें खण्डवा, मण्डला, अलिराजपुर, खरगौन, बड़वानी, हरदा होशंगाबाद. झाबुआ एवं धार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जो कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रधान जिले हैं।


वर्ष 2025 तक प्रदेश में 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का है लक्ष्य


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने के लिये मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन प्रतिबद्ध है।
मंत्री सिलावट ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत वर्ष 2025 तक प्रदेश में 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिसे मुख्यमंत्री चौहान नेतृत्व में अवश्य प्राप्त कर लिया जायेगा।
मध्यप्रदेश शासन प्रदेश के किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य समाज के निचले तबके के लोगों के लिये निरंतर कार्य कर रही है।
मंत्री सिलावट ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से सिंचाई सुविधा हेतु विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान के लिये मुख्यमंत्री चौहान को आभार प्रकट किया।
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