प्रदेश को 10 साल बाद फिर मिल सकता है मप्र मूल का मुख्य सचिव, 1989 बैच के अनुराग जैन ले सकते हैं इकबाल सिंह बैंस की जगह

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भोपाल। प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस इसी साल नवंबर में रिटायर्ड होने जा रहे हैं। ऐसे में अगले मुख्य सचिव को लेकर प्रशासनिक गलियारों में अटकलें हिलोरे मार रही हैं।
अभी किसी का अफसर का नाम अगले सीएस के लिए तय नहीं है, लेकिन 1988 बैच संजय बंदोपाध्याय और 1989 बैच के अनुराग जैन का नाम दौड़ में आगे है। दोनों ही अधिकारी मप्र मूल के हैं। इससे पहले मई 2012 में भोपाल निवासी 1978 बैच के आर परशुराम मप्र के मुख्य सचिव बने थे।
मुख्य सचिव के लिए वरिष्ठता के क्रम में कई अधिकारियों के नाम हैं। लेकिन इनमें से 1987 बैच के संजय सिंह और 1988 बैच के शैलेष सिंह दिसंबर 2022 में ही रिटायर हो जाएंगे।
1987 बैच के अजय तिर्की मूलत: बिहार के हैं और उनका कार्यकाल दिसंबर 2023 तक का है। इसी तरह 1988 बैच और उप्र मूल की वीरा राणा भी सीएस की दौड़ में शामिल हैं।
वे मार्च 2024 में रिटायर्ड होंगी। 1989 बैच मोहम्मद सुलेमान उप्र मूल के हैं और जुलाई 2025 में रिटायर्ड होंगे। हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी का नाम सीएस के लिए तय नहीं है।
अनुराग जैन और संजय बंदोपाध्याय का नाम सबसे आगे हैं। जैन पीएमओ और सीएमओ में भी रह चुके हैं। पिछले साल वे अपर मुख्य सचिव वित्त थे। फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।

25 साल में मप्र मूल के दो सीएस

प्रदेश को 25 साल में मप्र मूल के दो मुख्य सचिव मिले हैं। 1997 में केस शर्मा और मई 2012 में परशुराम मुख्य सचिव बने थे। इसके बाद अंटोनी डिसा गोवा, बसंत प्रताप सिंह उप्र, एसआर मोहंती उड़ीसा, एम गोपाल रेड्डी तमिलनाडु और वर्तमान मुख्य सचिव पंजाब मूल के हैं।
हालांकि यह बात अलग है कि प्रशासनिक ढांचे में अफसरों की पदस्थापना गृह राज्य या गृह जिले के आधार पर नहीं होती है।
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