शुगर के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं ये पत्ते, जानें कैसे

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

कढ़ी पत्ते का पेड़ अन्य नाम: बर्गेरा कोएनिजी, चल्कास कोएनिजी, उष्णकटिबंधीय तथा उप-उष्णकटिबंधीय प्रदेशों में पाया जाने वाला रुतासी परिवार का एक पेड़ है, जो मूलतः भारत का देशज है। अक्सर रसेदार व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले इसके पत्तों को “कड़ी पत्ता” कहते हैं। कुछ लोग इसे “मीठी नीम की पत्तियां” भी कहते हैं। इसके तमिल नाम का अर्थ है, ‘वो पत्तियां जिनका इस्तेमाल रसेदार व्यंजनों में होता है’। कन्नड़ भाषा में इसका शब्दार्थ निकलता है – “काला नीम”, क्योंकि इसकी पत्तियां देखने में कड़वे नीम की पत्तियों से मिलती-जुलती हैं। करी पत्ता में कई तरह के ऐसे विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो शरीर के शुगर लेवल को कंट्रोल रखते हैं। इससे इंसान की सेहत अच्छी रहती हैं और शरीर में बीमारी होने के चांस कम जाते हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे करी पत्ता खाने से होने वाले फायदों के बारे में। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

[expander_maker id=”1″ more=”आगे पढ़े ” less=”Read less”]

1 .आंखों की रोशनी तेज करने के लिए 1 कप पानी में 10 करी पत्तों को उबालें। उबालने के बाद पानी जब ठंडा हो जाए तो इसे छानकर पिएं। इससे आंखों की रोशनी तेज होगी तथा आंखों में किसी भी प्रकार के बीमारी और संक्रमण होने के चांस कम जाएंगे। इसलिए आप इसका सेवन कर सकते हैं।
2 .करी पत्ता आपके शरीर में नेचुरल तरीके से इंसुलिन का निर्माण करता है। साथ ही यह दिल की मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। आप सुबह उठकर 3 से 4 कढ़ी पत्ते पानी के साथ खा सकते हैं। इससे सेहत भी अच्छी रहेगी।
3 .दरअसल करी पत्ते में मौजूद एंटी हाइपरग्लाइसेमिक आपकी पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। जितना हो सके हर सब्जी में इन पत्तों का इस्तेमाल करें। इससे पेट में कब्ज की समस्या नहीं होगी और शरीर सेहतमंद रहेगा।

 [/expander_maker]

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।