दिल्ली में वायु प्रदूषण: नवजात बच्चों को आईसीयू में भर्ती करने की नौबत, प्रदूषण से हो रही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं

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sadbhawnapaati
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देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण काबू में नहीं आ रहा है. इससे लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही है. अस्पतालों में भी सांस संबंधी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. बच्चे हों या बुजुर्ग सभी पर जहरीली हवा का गंभीर प्रभाव पड़ रहा है. आलम यह है कि नवजात बच्चों को भी आईसीयू और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखने की जरूरत पड़ रही है.
डॉक्टर्स का कहना है कि इस समय छोटे बच्चों पर भी प्रदूषण का काफी प्रभाव पड़ रहा है. उन्हें सांस लेने में परेशानी और लगातार खांसी आने की शिकायत हो रही है. प्रदूषण के गंभीर स्तर की वजह से ऐसा हुआ है. प्रदूषण से हो रही समस्या के चलते अस्पताल के आईसीयू में एक नवजात बच्चे को भर्ती किया गया था. डॉक्टर के मुताबिक, जब बच्चे के परिजन उसे अस्पताल लेकर आए तो उसको सांस लेने में परेशानी हो रही थी. जांच करने पर पता चला कि बच्चे को निमोनिया हो गया है. नवजात की स्थिति ऐसी थी कि उसे आईसीयू में एडमिट करना पड़ा था, हालांकि भर्ती होने के 10 घंटे बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. बुधवार रात बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दी गई है.
ऑक्सीजन सपोर्ट की भी पड़ रही जरूरत
डॉक्टर ने कहा कि कुछ बच्चे ऐसे भी आए हैं जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखने की जरूरत पड़ी है. प्रदूषण के कारण फेफड़ों को पहुंचे नुकसान की वजह से ऐसा हो रहा है.
ऐसे करें नवजात बच्चों की देखभाल
डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय बच्चों की खास देखभाल करनी चाहिए. बच्चों की त्वचा ठीक से साफ करें. उनके शरीर को हमेशा किसी कपड़े से कवर रखें. फिलहाल कुछ दिन उन्हें घर से बाहर न लेकर जाएं.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।