NAtional news – मुरादाबाद के सपा सांसद के विवादित बोल: कहा- फर्टाइल एज में आते ही लड़कियों के हाथ पीले कर देने चाहिए, लेट शादी होगी तो औलाद कब पैदा करेंगी

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल किए जाने के कैबिनेट के फैसले पर समाजवादी पार्टी के सांसद तिलमिलाए हुए हैं। संभल के सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के बेतुके बयान के बाद अब मुरादाबाद से सपा सांसद डॉ. एसटी हसन ने भी विवादित बयान दिया है। सांसद हसन ने कहा है कि लड़कियों की फर्टाइल उम्र 26 से 30 साल होती है। शादी लेट होगी तो औलाद पैदा नहीं होगी। इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ेगी। सपा सांसद ने कहा है कि फर्टाइल उम्र आते ही लड़कियों की शादी कर देनी चाहिए। लड़कियों की शादी में देरी करने से आवरगी और क्राइम दोनों बढ़ते हैं। सपा सांसद ने लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने की मांग की है।
16-17 में अच्छे प्रपोजल आते हैं, फिर नहीं आ
सपा सांसद डॉ. हसन ने बयान में कहा है कि लड़कियां जब 16-17 साल की होती हैं, तो उनकी लिए शादी के अच्छे प्रपोजल आते हैं। इसके बाद अच्छे रिश्ते नहीं आते। यदि सरकार लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल होगी तो फिर उन्हें अच्छे रिश्ते नहीं मिलेंगे। अच्छे रिश्तों के लिए और भी इंतजार करना होगा और इस इंतजार में फर्टाइल उम्र निकल जाएगी।
…तो बुढ़ापे में स्कूल जाएंगे आपके बच्चे
डॉ. हसन का कहना है कि यदि देरी से शादी होगी, तो बच्चे भी देरी से होंगे। आदमी जब बूढ़ा हो चला होगा, तब उसके बच्चे स्कूल जा रहे होंगे। इससे पूरा साइकल गड़बड़ा जाएगा। इसलिए लड़कियों की शादी समय से होना बेहद जरूरी है, ताकि समय से बच्चे पैदा हों।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।