MP News – प्रदेश में जेल में बंद कैदियों को नई सुविधाएं : सभी बैरकों में लगेंगे म्यूजिक सिस्टम, बंदी सुनेंगे संगीत

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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भोपाल। मध्य प्रदेश में जेल में बंद कैदियों को अब नई सुविधाएं मिलने जा रही है। बंदी परिजनों से सहजता से बात करवाने के लिए मोबाइल फोन की संख्या बढ़ाने, अच्छे आचरण वाले बंदियों को दस दिन की सजा में छूट मिलने जा रही है।
इसके साथ ही उन्होंने जेलवाणी शुरू करने के निर्देश दिये है। इसके लिए सभी बैरकों में म्यूजिक सिस्टम लगाया जाएगा जिसमें सुबह शाम बंदियों को भजन, लोक संगीत व गाने सुनने का मौका मिलेगा। यह उनके दिमाग को शांत करने के उद्देश्य किया जा रहा है।
डीजी जेल अरविंद कुमार ने रीवा जेल में कैदियों द्वारा प्रस्तुत संगीत भी सुना और उनके लिए संगीत के उपकरण खरीदने के लिए दस हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की है।
उन्होंने महिला बैरकों का भी निरीक्षण किया। यहां पर बंद कैदियों से बातचीत कर उन्होंने बच्चों की समुचित देखभाल और खेलकूद सामग्री उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जेल एक सुधारगृह है।
कैदियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें विभिन्न कार्यों में दक्ष किया जाये ताकि वे जेल से निकलने के बाद आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
जेल में सभी पात्र बंदियों को पैरोल का लाभ हर हाल में दिलवाये। जितने भी पात्र बंदी है उनके पैरोल का प्रस्ताव भिजवाये। उनके सुधार के लिए शासन स्तर पर चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हर हाल में प्रदान करें।

प्रशासनिक भवन का भेजा जाएगा प्रस्ताव

जेल परिसर के प्रशासनिक भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वर्षों पुरानी बिल्डिंग में बैठने तक की जगह नहीं है और मौजूद बिल्डिंग काफी जर्जर है।
डीजी ने उक्त प्रशासनिक भवन का निरीक्षण कर इसके निर्माण का प्रस्ताव मांगा है 7 हालांकि पूर्व में भी प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन बजट आवंटन होने से निर्माण कार्य नहीं हो पाया।
डीजी ने स्वयं बिल्डिंग की हालत देखकर जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये है। डायरेक्टर जनरल ऑफ जेल अरविंद कुमार द्वारा केन्द्रीय जेल रीवा का निरीक्षण के समय कहा कि जेल में कैदियों के लिए संगीत री व्यवस्था को लेकर विचार किया जा रहा है।
जेल परिसर में उन्होंने प्रशासनिक भवन, बैरक, भोजन सामग्री, बच्चों की खेलकूद व अस्पताल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस मौके पर जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय, जेलर रविशंकर सिंह सहित तमाम अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी पात्र कैदियों के पैरोल का प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिये हैं ताकि उनको शासन द्वारा निर्धारित छुट्टियों का लाभ मिल सके।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।