लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, भारतीय सेना के वाईस चीफ (रणनीति) और पूर्व डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) के सैन्य सलाहकार पद पर नियुक्त किए गए हैं। यह नियुक्ति इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि 2018 में NSCS के पुनरुद्धार के बाद वे इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले सेवारत थ्री स्टार अधिकारी हैं। उन्होंने जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि का स्थान लिया है, जो अब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) हैं पर उनमे और जनरल राजा में अंतर ये है कि राजा को सेवानिवृत्ति के बाद सैन्य सलाहकार बनाया गया था और घई सेवा में रहते हुए सैन्य सलाहकार बनाये गए हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल घई के पास 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने देश की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर महत्वपूर्ण कमांड संभाले हैं और मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नेतृत्व किया। यह सटीक हमला आतंकवादी ठिकानों पर किया गया था, जिसने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति की दृढ़ता और सैन्य क्षमता का संदेश दिया। DGMO के रूप में उनकी भूमिका में यह अभियान सैन्य खुफिया जानकारी, रणनीतिक नियोजन और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण था।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नेतृत्व में NSCS में यह पद सशस्त्र बलों और उच्चतम सुरक्षा निर्णय प्रक्रिया के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है। लेफ्टिनेंट जनरल घई दिसंबर 2027 तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। उनकी नियुक्ति नागरिक-सैन्य समन्वय को और गहरा करने का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों, चाहे सीमा पर तनाव हो या आंतरिक आतंकवाद, के समाधान में एकीकृत दृष्टिकोण को मजबूत करेगा।
देश भर से और बाहर से भी आ रही प्रतिक्रियाओं में उनकी युद्धकुशलता और व्यावहारिक समझ की सराहना हो रही है। कुछ विश्लेषक पदोन्नति मानदंडों पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन ज्यादातर सहमत हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में ऐसे अनुभवी अधिकारियों की प्रत्यक्ष भागीदारी भविष्य के लिए लाभदायक होगी।
आज के जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य में, जहां मल्टी-डोमेन खतरों का सामना करना पड़ रहा है, लेफ्टिनेंट जनरल घई जैसी नियुक्तियां भारत की रक्षा व्यवस्था को अधिक चुस्त, समन्वित और दूरदर्शी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं। ‘रक्षा सम्वाद’ इस विकास का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि यह परंपरा भविष्य में भी मजबूत होती रहेगी।


