अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में अपने इतिहास के सबसे बड़े जहाज निर्माण अनुबंधों में से एक को मंजूरी दी है। डिपार्टमेंट ऑफ वार ने जनरल डायनेमिक्स इलेक्ट्रिक बोट और हंटिंगटन इंगल्स इंडस्ट्रीज के न्यू पोर्ट न्यूज शिपबिल्डिंग के साथ कुल 76.6 अरब डॉलर के अनुबंध किये हैं। इसमें 09 वर्जीनिया-क्लास अटैक पनडुब्बियां (ब्लॉक-VI) और पांच कोलंबिया-क्लास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां शामिल हैं। यह कदम अमेरिका की पानी की सतह के नीचे की युद्ध क्षमता को मजबूत करने और परमाणु त्रिकोण (न्यूक्लियर ट्रायड) के समुद्री स्तंभ को आधुनिक बनाने की दिशा में निर्णायक है।
ये बिना किसी आवाज़ के संचालित होने वाली पनडुब्बियां टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ भविष्य के हाइपरसोनिक हथियारों को ले जाने में सक्षम होंगी। कोलंबिया-क्लास पनडुब्बियां पुरानी ओहायो-क्लास को प्रतिस्थापित करेंगी, जिससे सामरिक प्रतिरोधक क्षमता बनी रहेगी। तीन वर्षों की कठिन वार्ताओं के बाद यह सौदा कनेक्टिकट, रोड आइलैंड और वर्जीनिया के शिपयार्डों को 2030 के दशक तक स्थिरता प्रदान करेगा तथा हजारों रोजगार सुरक्षित करेगा।
वैश्विक स्तर पर चीन और रूस की बढ़ती समुद्री महत्वाकांक्षाओं के बीच यह निवेश अमेरिका की ‘अंडर सी सुपीरियरिटी’ सुनिश्चित करने वाला है। वाईस एडमिरल रॉबर्ट गौचर ने इसे “एक पीढ़ी में एक बार होने वाला पुनर्निर्माण” बताया है। लंबे समय तक उत्पादन सुनिश्चित होने से औद्योगिक आधार मजबूत होगा और सहयोगी देशों के साथ एयूकेयूएस जैसे समझौतों को भी बल मिलेगा।
यह अनुबंध केवल जहाज निर्माण नहीं, बल्कि सामरिक शक्ति संतुलन का प्रतीक है। बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में पानी के नीचे का वर्चस्व भविष्य की सुरक्षा का निर्णायक कारक बन चुका है। अमेरिका का यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि वह समुद्र की गहराइयों में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा।


