देवगुराड़िया पहाड़ी पर एक हजार पौधे रोपे, बड़े होने तक संरक्षण और सिंचाई का लिया संकल्प

अब मौसम भी बेघर होने लगे हैं — डॉ. अशोक कुमार भार्गव

Rajendra Singh
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Rajendra Singh
पर्यावरण संरक्षण एवं जैविक खेती के प्रति प्रशिक्षण
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इंदौर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्रीन आर्मी, इंदौर ने वन विभाग के सहयोग से देवगुराड़िया पहाड़ी पर एक हजार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दिया। इस अभियान की प्रमुख विशेषता यह रही कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण के लिए स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा पौधों को बड़ा होने तक उसकी नियमित सिंचाई, निंदाई-गुड़ाई और देखभाल का संकल्प भी लिया गया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना, वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ हुआ। इसके बाद बड़ी संख्या में उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों ने अपने गुरुजनों, माता-पिता, परिजनों तथा बच्चों के नाम पर पौधे रोपे और उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। अभियान में वरिष्ठ नागरिकों से लेकर बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व संभागायुक्त (रीवा एवं शहडोल) डॉ. अशोक कुमार भार्गव थे। उन्होंने कहा कि अब मौसम भी बेघर होने लगे हैं। विकास की अंधी दौड़ में हमने शहरों को रहने योग्य नहीं छोड़ा और ग्रामीण जीवन का प्राकृतिक संतुलन भी बिगाड़ दिया है। प्रकृति को जीवंत बनाए रखने वाले वन्यजीवों और जैव विविधता का दोहन कर हम सुरक्षित भविष्य को संकट में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

मुख्य वन संरक्षक पी.एन. मिश्रा तथा वनमंडलाधिकारी लाल सुधाकर सिंह सहित वन विभाग के अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया। ‘विश्व बाघ दिवस’ के अवसर पर उन्होंने वन, वन्यजीव एवं जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया। इस जनसहभागिता अभियान में अणुव्रत समिति के कमलेश सामोता, किशोर मित्र मंडल के सुरेश चंद्र गुप्ता, कऱ्हाडे ब्राह्मण संघ, मालवांचल के प्रभात आंबर्डेकर एवं विवेक हलवे, होल्कर हॉस्टलर्स के संदीप खानवलकर, अनिल जोशी एवं हरीश मेनारिया, गुरूजी किशोर वागेला मित्र मंडल, संस्था जीवन प्रवाह के प्रकाश सोनी, जीएससी फ्रेंड सर्कल, ‘ग्रीन आर्मी’ सहित संगीता ठाकुर, अंबरीष कैला, राजेंद्र सिंह एवं डॉ. दिलीप वागेला आदि का सक्रिय योगदान उल्लेखनीय रहा। ग्रीन आर्मी इंदौर, देवास एवं महू के स्वयंसेवियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

ग्रीन आर्मी के समरजीत सिंह जाधव राव ने बताया कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण के लिए जन सहयोग से स्थायी जल व्यवस्था विकसित की गई है। स्वयंसेवी अगले एक वर्ष तक नियमित देखभाल सुनिश्चित करेंगे, ताकि रोपे गए पौधे सुरक्षित रहकर विकसित होकर वृक्ष बन सकें। इसी सोच के साथ ग्रीन आर्मी का यह अभियान “पौध संरक्षण का जन आंदोलन” बनता जा रहा है।

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