14 सितंबर को गणेश चतुर्थी : बुद्धि, व्यापार और हरियाली का संदेश लेकर आएंगे बप्पा

कन्या राशि में बुध की मजबूती से बुद्धि-वाणी, शिक्षा, व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों के लिए शुभ संकेत; मिट्टी के गणेश के साथ हरियाली का संकल्प लेने का आह्वान

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ज्योतिषाचार्य श्री विनोद जैन (प्रभु)
दैनिक सदभावना पाती
Ganesh Chaturthi 2026 भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। सोमवार के दिन चतुर्थी का पड़ना धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। इस बार पर्व का ज्योतिषीय आकर्षण इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि गणेश चतुर्थी के समय बुध कन्या राशि में स्थित रहेगा, जिसे वैदिक ज्योतिष में बुध की उच्च राशि माना जाता है। बुध बुद्धि, वाणी, लेखन, गणना, व्यापार, शिक्षा, संचार और तकनीक का कारक ग्रह है तथा भगवान गणेश को बुध से संबंधित अधिपति देवता के रूप में माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह स्थिति ‘बुद्धि से समृद्धि’ का संदेश देती है। विद्यार्थियों, लेखकों, शिक्षकों, अकाउंटिंग, बैंकिंग, आईटी, संचार, व्यापार और विश्लेषणात्मक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
ज्योतिषाचार्य श्री विनोद जैन (प्रभु) के अनुसार, इस गणेश चतुर्थी का मूल संदेश है—“सोच-समझकर बोलें, लिखकर काम करें और हिसाब से चलें।”

गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त

इंदौर में गणेश चतुर्थी सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। पंचांग गणना के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह लगभग 7:06 बजे प्रारंभ होकर 15 सितंबर सुबह लगभग 7:44 बजे तक रहेगी। मध्यान्ह गणेश पूजन का समय: लगभग 11 बजे से 1:30 बजे के बीच इंदौर का अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:57 से 12:46 बजे। गणेश विसर्जन : अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर 2026, शुक्रवार।
चंद्र दर्शन से बचें – गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को पारंपरिक रूप से निषिद्ध माना जाता है। इसलिए विशेष रूप से शाम के समय चंद्रमा देखने से बचने की सलाह दी जाती है।

बुध की मजबूती और गणेश जी का संबंध

वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तर्क, गणित, वाणी, लेखन, व्यापार, संचार और कौशल का कारक माना गया है। कन्या बुध की उच्च राशि है और 14 सितंबर को बुध कन्या में स्थित रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में बुध के मजबूत होने को बुद्धि, संवाद-कौशल, गणना और व्यापारिक दक्षता से जोड़ा जाता है। वहीं भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और विघ्न-विनाश के देवता के रूप में पूजा जाता है। इसी कारण इस गणेश चतुर्थी को “बुद्धि से समृद्धि” का पर्व बनाकर मनाने का संदेश दिया जा सकता है।

गणेश चतुर्थी से बाजार में बप्पा की बरसात?

बुध को व्यापार, लेखा-जोखा, संचार और तकनीकी गतिविधियों से जोड़े जाने के कारण इस अवधि में बैंकिंग, आईटी, अकाउंटिंग, शिक्षा, प्रिंटिंग, स्टेशनरी, कागज, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल सेवाओं और संचार से जुड़े कारोबार के लिए सकारात्मक वातावरण बनने के संकेत माने जा सकते हैं।

व्यापारियों के लिए यह पर्व एक नया संकल्प लेने का अवसर है—

नया बही-खाता शुरू करें, हिसाब-किताब व्यवस्थित करें, पुराने कागजात जांचें, डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट करें और बिना पढ़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें। शेयर बाजार को लेकर ज्योतिषीय संकेतों को निश्चित भविष्यवाणी नहीं, बल्कि बाजार की संभावित मनोवैज्ञानिक दिशा के रूप में देखना चाहिए। निवेश में निर्णय हमेशा वास्तविक आर्थिक आंकड़ों और जोखिम के आधार पर ही लेना चाहिए।

व्यापारियों के लिए गणेश चतुर्थी का विशेष संदेश

गणेश जी प्रथम पूज्य हैं। इसलिए किसी भी नए कार्य से पहले उनका स्मरण शुभ माना जाता है। इस दिन व्यापारी—नया बही-खाता शुरू कर सकते हैं। दुकान, कार्यालय या डिजिटल कारोबार की नई योजना बना सकते हैं। वेबसाइट या सॉफ्टवेयर लॉन्च कर सकते हैं। पुराने हिसाब-किताब की समीक्षा कर सकते हैं। नए व्यापारिक समझौते से पहले दस्तावेज अच्छी तरह पढ़ सकते हैं। कर्मचारियों और ग्राहकों के साथ मधुर वाणी का संकल्प ले सकते हैं। बुध का संदेश स्पष्ट है—बुद्धि, गणना और संवाद को मजबूत करें; तभी समृद्धि का मार्ग खुलेगा।

मिट्टी के गणेश : बप्पा के साथ पृथ्वी की हरियाली का संकल्प

इस गणेश चतुर्थी पर केवल गणेश स्थापना ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया जाए। प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के बजाय मिट्टी के पार्थिव गणेश को प्राथमिकता दें। इससे स्थानीय कुम्हारों को रोजगार मिलता है और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। गणेश उत्सव के बाद उसी मिट्टी का उपयोग तुलसी, नीम, बरगद या स्थानीय उपयुक्त पौधे लगाने में किया जा सकता है। “मिट्टी के गणेश—धरती की हरियाली का संदेश” इंदौर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने के लिए गणेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना इस पर्व की सार्थकता को और बढ़ा सकता है। प्राणियों में सद्भावना हो, पृथ्वी हरी-भरी हो—यही बप्पा से प्रार्थना।

गणेश चतुर्थी पर 12 राशियों का फल

  • मेष — नई शुरुआत और सफलता : नए काम की शुरुआत के लिए उत्साह बढ़ेगा। नौकरी, व्यापार और व्यक्तिगत प्रयासों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। छोटा उपाय: ॐ गं गणपतये नमः का 108 बार जाप करें।
  • वृषभ — धन और रुके काम : आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। छोटा उपाय: गणेश जी को सफेद मोदक अर्पित करें।
  • मिथुन — बुद्धि और शिक्षा में सफलता : विद्यार्थियों, लेखकों और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल है। प्रतियोगी परीक्षाओं और इंटरव्यू में मेहनत का लाभ मिल सकता है। छोटा उपाय: 21 दूर्वा अर्पित कर ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें।
  • कर्क — परिवार और मानसिक शांति : घर-परिवार में शुभ वातावरण बनेगा। किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। भावनात्मक निर्णयों के बजाय विवेक से काम लें। छोटा उपाय: गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं।
  • सिंह — मान-सम्मान और नेतृत्व : कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी। प्रशासनिक और सरकारी कार्यों में प्रयास सफल हो सकते हैं। अहंकार से बचना लाभदायक रहेगा। छोटा उपाय: गणेश जी को लाल फूल और सिंदूर अर्पित करें।
  • कन्या — बुद्धि और कार्यक्षमता का लाभ : बुध की मजबूत स्थिति के कारण कन्या राशि वालों के लिए यह समय विशेष महत्व रखता है। नौकरी, व्यापार, अध्ययन और योजनाओं में सफलता के अवसर बढ़ सकते हैं। छोटा उपाय: गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
  • तुला — साझेदारी और संबंध : व्यापारिक साझेदारी में लाभ मिल सकता है। नए संपर्क भविष्य में उपयोगी साबित होंगे। वैवाहिक और पारिवारिक संबंधों में मधुरता बढ़ाने का प्रयास करें। छोटा उपाय: गणेश जी को दो मोदक अर्पित करें।
  • वृश्चिक — बाधाओं पर विजय : लंबे समय से चल रहे कामों में गति आ सकती है। विरोधियों से सावधान रहते हुए कानूनी और प्रशासनिक मामलों में दस्तावेजों को अच्छी तरह जांचें। छोटा उपाय: गणेश जी को लाल फूल अर्पित करें।
  • धनु — भाग्य और ज्ञान का साथ : धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा, शिक्षा और नए अवसरों के रास्ते खुल सकते हैं। विद्यार्थियों को मेहनत का फल मिल सकता है। छोटा उपाय: किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को कॉपी-पेन दान करें।
  • मकर — अटका धन और नई योजना :आर्थिक मामलों में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। पुराना भुगतान मिलने की संभावना बन सकती है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। छोटा उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित कर ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें।
  • कुंभ — मनोकामना और नए अवसर : नई नौकरी, नया प्रोजेक्ट या कार्यक्षेत्र में बदलाव की इच्छा रखने वालों के लिए समय सक्रिय रह सकता है। पुराने संपर्क लाभ दे सकते हैं। छोटा उपाय: गणेश जी को 11 दूर्वा की गांठ अर्पित करें।
  • मीन — आध्यात्मिक उन्नति और शांति : मन आध्यात्म की ओर आकर्षित होगा। ध्यान, साधना और धार्मिक कार्यों से मानसिक शांति मिलेगी। रिश्तों में समझदारी बढ़ेगी। छोटा उपाय: गणेश जी को पीला मोदक अर्पित करें।

सभी राशियों के लिए गणेश चतुर्थी के विशेष उपाय -पूजन में अर्पित करें : 21 दूर्वा, मोदक, लाल पुष्प और सिंदूर

मंत्र
बुद्धि और व्यापार के लिए- ॐ गं गणपतये नमः — 108 बार।
विद्यार्थियों के लिए – ॐ बुं बुधाय नमः — 108 बार।  
हरे रंग की कॉपी-पेन या अध्ययन सामग्री जरूरतमंद विद्यार्थियों को दान करें। बुध की प्रसन्नता के लिए हरी मूंग का दान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
क्या करें और क्या न करें –
करें -मिट्टी के गणेश जी की स्थापना करें। 21 दूर्वा अर्पित करें।
मोदक का भोग लगाएं। गणेश मंत्र का जाप करें। जरूरतमंद विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री दान करें। व्यापारिक कागजात ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें। उत्सव के साथ पौधारोपण का संकल्प लें।
न करें – गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचें। बिना पढ़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें। क्रोध में व्यापारिक या पारिवारिक निर्णय न लें। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री के उपयोग से बचें।

ज्योतिषाचार्य श्री विनोद जैन (प्रभु) का संदेश

“गणेश चतुर्थी केवल भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुद्धि, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा को जागृत करने का अवसर है। इस बार बुध की मजबूत स्थिति हमें विशेष संदेश देती है—बोलने से पहले सोचें, कोई भी बात लिखित में स्पष्ट रखें, हिसाब-किताब व्यवस्थित रखें और निर्णय विवेक से लें। मिट्टी के गणेश स्थापित करें और उत्सव के बाद उसी मिट्टी से पौधा लगाकर प्रकृति को भी प्रणाम करें। गणेश जी से केवल धन नहीं, बल्कि बुद्धि, सद्बुद्धि, सिद्धि और सभी प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना करें। यही सच्चे अर्थों में ‘बुद्धि से समृद्धि’ का मार्ग है।”

गणपति बप्पा मोरया!

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥  ॐ गं गणपतये नमः।
प्राणियों में सद्भावना हो। पृथ्वी हरी-भरी हो। हर घर में बुद्धि, सिद्धि और समृद्धि हो।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।