18,600 फीट पर भारतीय सेना के एविएटर्स का अदम्य साहस और उड्डयन कौशल

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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18,600 फीट की अत्यधिक विषम ऊंचाई, हाड़ कंपा देने वाली बर्फीली तेज हवाएं, बेहद संकरा व पथरीला ढलान और लैंडिंग के लिए न के बराबर जगह। किसी भी विमानन विशेषज्ञ के लिए यह परिस्थितियां सीधे तौर पर ‘असंभव मिशन’ का पर्याय होती हैं। किंतु, लद्दाख के नुन-कुन मैसिफ के पास जब एक मानव जीवन खतरे में था, तब भारतीय सेना के एविएशन कॉप्स (Army Aviation Corps) के जांबाज पायलटों ने इसी ‘असंभव’ को एक बार फिर ‘संभव’ कर दिखाया।

यह केवल एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का चमत्कार नहीं, बल्कि सैन्य अनुशासन, तकनीकी दक्षता और सर्वोच्च मानवीय प्रतिबद्धता की पराकाष्ठा है। इस ऊंचाई पर हवा का दबाव बेहद कम होता है, जिससे हेलीकॉप्टर के इंजन की पावर और रोटर की लिफ्ट क्षमता अत्यधिक घट जाती है। ऐसे विषम वातावरण में मिशन को अंजाम देने के लिए पायलटों ने अत्यधिक त्वरित निर्णय क्षमता दिखाई, विमान को जितना संभव हो सके हल्का करने के लिए सभी गैर-ज़रूरी उपकरणों को हटाया गया और ईंधन की मात्रा को भी न्यूनतम स्तर पर सीमित किया गया।

सूर्य की ढलती रोशनी और सीमित समय सीमा के बीच, जहां लैंडिंग स्पॉट शून्य था, पायलटों ने हेलीकॉप्टर को हवा में स्थिर रखते हुए केवल एक ‘स्किड’ (Skid) को ढलान पर टिकाकर (Pinnacle/One-skid landing) गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।

उच्च रणनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो यह ऑपरेशन सिद्ध करता है कि भारतीय सेना की एयरो-मेडिकल इवेकुएशन और ‘ऑपरेशनल रेडिनेस’ क्षमताएं वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ हैं। अत्यधिक जोखिम भरे क्षेत्रों में ‘गोल्डन आवर’ के भीतर त्वरित कार्रवाई करने की यह क्षमता हमारे सैनिकों के मनोबल को असीम बल प्रदान करती है। यह साहसिक अभियान केवल उड़ान कौशल की कहानी नहीं है, बल्कि देश के उन वीरों के अटूट संकल्प, शौर्य और ‘सर्विस बिफोर सेल्फ़’ के जज्बे का प्रतीक है, जो हर विषम परिस्थिति में सीमा सुरक्षा और जनसेवा के लिए तत्पर हैं।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families