पोखरण में जारी है “आईएएफ ड्रोनाथॉन-2026”, आत्मननिर्भरता की नई उड़ान

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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भारतीय वायुसेना ने 14 सितंबर 2026 को जैसलमेर के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपने पहले “आईएएफ ड्रोनाथॉन-2026” का शुभारंभ कर देश की ड्रोन क्षमताओं को नई दिशा दी है। वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्घाटन किया। इसमें 20 से अधिक भारतीय रक्षा कंपनियां, स्टार्टअप, एमएसएमई, डीपीएसयू और नवप्रवर्तक भाग ले रहे हैं।

वास्तविक ऑपरेशनल परिस्थितियों में यूएएस, काउंटर-यूएएस, स्वॉर्म सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसी उभरती तकनीकों के लाइव परीक्षण हो रहे हैं। उद्देश्य स्पष्ट है- प्रौद्योगिकी का सत्यापन, क्षमता अंतरालों की पहचान और उन्हें शीघ्र परिचालन में लाना। एयर मार्शल दीक्षित ने इस अवसर पर आईएएफ का यूएएस रोडमैप भी जारी किया, जो भविष्य के विकास का मार्गदर्शन करेगा।

विशेष आकर्षण रहा स्वदेशी ‘वायु उत्तम’ मल्टी-मोड अनमैन्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम। यह सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के मानवरहित विमानों का वास्तविक समय में पता लगाने तथा प्रबंधन करने में सक्षम है। इससे हवाई क्षेत्र को सुरक्षित, स्मार्ट और लचीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

यह आयोजन मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि घरेलू नवप्रवर्तकों को सैन्य आवश्यकताओं से जोड़ने का मंच है। वैश्विक स्तर पर ड्रोन की बढ़ती मांग के बीच भारत आत्मनिर्भर ड्रोन इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। प्रौद्योगिकी से क्षमता और नवाचार से परिचालन प्रभाव तक, “आईएएफ ड्रोनाथॉन-2026” इसी यात्रा का प्रतीक है। वायुसेना का यह प्रयास न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य के युद्धक्षेत्र में भारत की रणनीतिक तैयारियों को भी नई ऊंचाई देगा।

“आईएएफ ड्रोनाथॉन-2026” का आयोजन और सरकार और सैन्य कमांडरों के पिछले कुछ वर्षों से तकनीक, ड्रोन्स आदि पर ध्यान जाने के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है, वो है यूक्रेन और ईरान के युद्धों से लिया गया सबक। क्योंकि इन दोनों युद्धों में यह देखने में आया कि शक्तिशाली एयर फोर्स और टैंक से लेस स्क्वाड्रन भी ड्रोन हमलों के सामने बिलकुल बेबस दिखे।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families