सेना की पश्चिमी कमान के आयोजन में विभिन्न सैन्य टीमों ने किया युद्ध की नई- नई तकनीकों का प्रदर्शन- भविष्य के युद्ध की तैयारी

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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तेजी से बदलती प्रौद्योगिकीय दुनिया में भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सैनिक स्तर पर नवाचार ही भविष्य के युद्ध की सबसे बड़ी ताकत है। चंडी मंदिर छावनी में आयोजित “आइडियाज एंड इनोवेशन प्रतियोगिता 2026” में चक्र योद्धाओं ने 17 ऐसे क्षेत्र-उन्मुख और अत्यंत काम लागत के नवाचार प्रस्तुत किए, जो समकालीन युद्धक्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों से सीधे जुड़े हैं।

सेना की पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने इन नवाचारों का प्रदर्शन करने वाले सैन्य योद्धाओं को सम्मानित करते हुए स्पष्ट कहा कि तकनीकी कमांडरों और भावी नेतृत्व को जिज्ञासा, तकनीकी अवशोषण, आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान की संस्कृति अपनानी होगी। पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ़ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एचएस साही भी इस प्रदर्शन में उपस्थित रहे।

ये नवाचार महज प्रोटोटाइप नहीं हैं। ये सैनिकों के अनुभव से उपजी स्वदेशी प्रतिभा का प्रमाण हैं, जो विचारों को वास्तविक क्षमता में बदल रहे हैं। आधुनिक युद्ध अब केवल संख्या या पारंपरिक हथियारों का नहीं, बल्कि तेज निर्णय, सटीक सेंसर, लचीली लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुकूल समाधानों का है। चक्र योद्धाओं के ये प्रयास उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

भारतीय सेना में नीचे से ऊपर की ओर नवाचार की यह संस्कृति आत्मनिर्भरता और युद्ध-तैयारी दोनों को मजबूत करती है। भविष्य के संघर्ष में वही सेना सफल होगी जो विचारों को तेज गति से क्षमता में बदल सके। पश्चिमी कमान का यह आयोजन उसी दिशा में एक ठोस उदाहरण है।

हालांकि  आयोजनों और सरकार और सैन्य कमांडरों के पिछले कुछ वर्षों से तकनीक, ड्रोन्स आदि पर ध्यान जाने के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है, वो है यूक्रेन और ईरान के युद्धों से लिया गया सबक। क्योंकि इन दोनों युद्धों में यह देखने में आया कि शक्तिशाली एयर फाॅर्स और टैंक से लेस स्क्वाड्रन भी ड्रोन हमलों के सामने बिलकुल बेबस दिखे।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families