18 सितम्बर 2026 का योग तो साल का सबसे बड़ा योग है

कर्क राशि में नीच मंगल + उच्च गुरु = नीचभंग राजयोग + गुरु-मंगल युति

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sadbhawnapaati
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– ज्योतिषाचार्य श्री विनोद जैन (प्रभु), इंदौर

तारीख और स्थिति

  • 18 सितम्बर 2026, गुरुवार को दोपहर मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु पहले से ही कर्क राशि में उच्च के विराजमान हैं । मंगल 18 सितम्बर से लगभग 28 अक्टूबर तक कर्क में रहेंगे। यानी 40 दिन तक नीच का मंगल, उच्च के गुरु के साथ एक ही घर में।
  • वैदिक शास्त्र में कहते हैं – नीचस्थ मंगल, उच्चस्थ गुरु के साथ हो तो नीचभंग होता है` – बुरा फल कम होता है, पर संघर्ष के बाद सफलता मिलती है।
  • 18 सितम्बर से कर्क राशि में मंगल-गुरु की युति : देश-दुनिया पर बड़े प्रभाव

इंदौर। वैदिक ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, न्याय, अर्थव्यवस्था, विस्तार और मंगल को साहस, सेना, भूमि, ऊर्जा, अग्नि का कारक माना गया है। 18 सितम्बर 2026 को मंगल अपनी नीच राशि कर्क में आएंगे, जहाँ पहले से उच्च के गुरु विराजमान हैं। कर्क जल तत्व, भावनाओं, जनता, भूमि और सीमा की राशि है। इसलिए यह युति भावनाओं में उबाल, पर ज्ञान से नियंत्रण का योग बनाएगी।

1. राजनैतिक प्रभाव

कर्क राशि जनता और विपक्ष का प्रतीक है। नीच मंगल से सरकार पर जनता का दबाव, आंदोलन, धरना-प्रदर्शन बढ़ सकते हैं। गुरु उच्च होने से सरकार ज्ञान और संवाद से समाधान निकालेगी। सीमा पर तनाव, पड़ोसी देश से कूटनीतिक खींचतान के संकेत हैं, पर युद्ध नहीं, समझौते से बात संभलेगी। भारत की कुंडली में सिंह राशि चतुर्थ भाव में है, इसलिए आंतरिक राजनीति, राज्यों के चुनाव, संगठनात्मक फेरबदल तेज होंगे। 20 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक बड़े प्रशासनिक फैसले, तबादले, सर्जरी जैसे निर्णय आ सकते हैं।

2. आर्थिक प्रभाव

गुरु ग्रह अर्थव्यवस्था के कारक हैं, उच्च होने से अर्थव्यवस्था मजबूत रहेगी। पर नीच मंगल से खर्च, महंगाई, ब्याज दरों में उछाल का दबाव रहेगा। सरकार को सब्सिडी, कर्ज, राहत पैकेज पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। बजट घाटा और राजकोषीय दबाव बढ़ने के संकेत हैं। शेयर बाजार में 18 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक उतार-चढ़ाव, फिर गुरु के बल से स्थिरता आएगी।

3. सामाजिक प्रभाव

कर्क भावनाओं की राशि है। मंगल नीच होने से युवाओं में आक्रोश, सोशल मीडिया पर बहस, अफवाहें तेज होंगी। गुरु उच्च होने से संत, शिक्षक, न्यायालय समाज को शांत करेंगे। जल-संकट, बाढ़, वर्षा जनित रोग, अस्पतालों में भीड़ बढ़ सकती है। परिवार, माता, भूमि-भवन से जुड़े विवाद बढ़ेंगे, पर गुरु के कारण समाधान भी निकलेगा।

4. व्यवसायिक प्रभाव

मंगल ग्रह – भूमि, मशीन, निर्माण, रक्षा, पुलिस, सर्जरी से जुड़ा है। कर्क में मंगल ग्रह नीच होने से रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, स्टील, सीमेंट में मंदी या अटका हुआ पैसा फंसेगा।
गुरु उच्च होने से शिक्षा, बैंकिंग, फाइनेंस, मंदिर ट्रस्ट, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी में लाभ होगा। व्यापार में जोश में होश खोना` नुकसान देगा।

5. एक्सपोर्ट / इम्पोर्ट

  • कर्क जलीय उत्पाद और आयात-निर्यात का भाव है।
  • एक्सपोर्ट में तेजी: चावल, गेहूं, दालें, डेयरी, दवा (फार्मा), आईटी सर्विस में निर्यात बढ़ेगा।
  • इम्पोर्ट में दबाव: कच्चा तेल, गैस, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खाद, रक्षा उपकरण का आयात महंगा होगा। डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो सकता है। समुद्री मार्ग, बंदरगाह पर हड़ताल या देरी के संकेत हैं।

6. सोना-चांदी पर असर

सोना: गुरु सोने का कारक है और उच्च है, इसलिए सोना तेजी में रहेगा।
18 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक सोना 2-4% तक ऊपर जा सकता है। निवेशक सेफ के रूप में सोना खरीदेंगे।

चांदी: चांदी चंद्रमा और शुक्र से जुड़ी है, मंगल-गुरु युति में चांदी में तेजी के साथ अचानक गिरावट भी आ सकती है। चांदी में ट्रेडिंग में स्टॉपलॉस जरूरी है। आपका शुक्र तुला वाला योग चांदी को सपोर्ट दे रहा है, इसलिए चांदी सोने से ज्यादा चमकेगी पर अस्थिर रहेगी।

7. क्रूड ऑयल (कच्चा तेल)

कर्क जल और तेल दोनों का प्रतीक है। नीच मंगल आग है, गुरु विस्तार है। क्रूड ऑयल में बड़ी तेजी के संकेत हैं। 18 सितम्बर से 28 अक्टूबर तक क्रूड 10-15 डॉलर तक ऊपर जा सकता है। कारण: मध्य-पूर्व में तनाव, सप्लाई में रुकावट, समुद्री मार्ग में बाधा। भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने या सब्सिडी का बोझ बढ़ने के योग हैं।

सावधानी का समय – 18 सितम्बर से 28 अक्टूबर – जल्दबाजी में जमीन-प्रॉपर्टी न खरीदें, उधार-लड़ाई से बचें, पानी और बिजली से जुड़े उपकरणों में सावधानी रखें।

1. ॐ बृं बृहस्पतये नमः` और ॐ अं अंगारकाय नमः` का जप
2. मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं
3. गुरुवार को पीले वस्त्र, चने की दाल का दान

मंत्र :- ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः। ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।

निष्कर्ष:

गुरुदेव, यह युति संघर्ष के बाद समाधान` का योग है।
नीच मंगल डराएगा,
उच्च गुरु बचाएगा।

मूल मंत्र होगा – धैर्य, संवाद और संतुलन.

18 सितम्बर से कर्क राशि में नीच मंगलग्रह का उच्च गुरु ग्रह…की युति :से मंगल ग्रह का नीचता (नकारात्मक ), ऊर्जा का प्रभाव कम…
सोना-चांदी-क्रूड में तेजी, राजनीति में परीक्षा`

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