चीन ने फिलीपींस के साथ की वही हरकत जो पाकिस्तान ने अरब सागर में भारत के साथ की, समझना होगा इस ‘बीजिंग-इस्लामाबाद मॉडल’ को

Dr Rajesh Jauhri
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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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उत्तर अरब सागर और दक्षिण चीन सागर में हाल ही में घटी दो अलग-अलग घटनाओं ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा तंत्र के सामने एक गंभीर चिंता रेखा खींच दी है। 15 सितंबर को उत्तर अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन डिस्ट्रॉयर P15A/B के समीप पाकिस्तानी नौसेना का ‘यारमूक-क्लास’ कोरवेट (PNS हुनैन) अत्यधिक तीव्र गति से आया। उसने गैर-पेशेवर तरीके से भारतीय पोत के सामने कट मारने का प्रयास किया, जिससे दोनों के बीच टक्कर हो गई। हालांकि भारतीय युद्धपोत को कोई क्षति नहीं पहुंची और उसने अपना मिशन जारी रखा, लेकिन PNS हुनैन को गंभीर नुकसान के साथ वापस बंदरगाह लौटना पड़ा।

ठीक ऐसी ही उकसावे वाली रणनीति चीन ने फिलीपींस के खिलाफ अपनाई। आबाद सैंटोस शोआल के पास चीनी कोस्ट गार्ड के पोत ने फिलीपींस के नागरिक पोत को जानबूझकर टक्कर मार दी। इस घटना के तुरंत बाद बीजिंग ने उल्टे फिलीपींस पर ही अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का मनगढ़ंत आरोप लगा दिया।

ये दोनों घटनाएं कोई आकस्मिक दुर्घटनाएं नहीं हैं, बल्कि यह ‘ग्रे-जोन वारफेयर’ (Grey-Zone Warfare) की एक सोची-समझी नीति का हिस्सा हैं। चीन और पाकिस्तान का ‘सदाबहार’ रक्षा गठबंधन अब केवल हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देश समुद्र में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के नियमों का उल्लंघन करने के लिए एक जैसा ढर्रा (Modus Operandi) अपना रहे हैं।

इस युद्धक रणनीति का सीधा उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानदंडों (UNCLOS) को दरकिनार कर अपने पड़ोसी देशों के संप्रभु अधिकारों को चुनौती देना और तनाव पैदा करके पीड़ित देश को ही दोषी ठहराना है। अरब सागर से लेकर प्रशांत महासागर तक फैला यह ‘बीजिंग-इस्लामाबाद मॉडल’ स्पष्ट संकेत देता है कि चीन और पाकिस्तान हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति को सामूहिक रूप से अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस खतरनाक ‘समुद्री दादागिरी’ पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेना होगा नहीं तो भविष्य में पाकिस्तान को तो भारत कभी भी सबक सिखा देगा पर म्यांमार, लाओस, कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, कोरिया, जापान आदि देशों के लिए चीन द्वारा मुसीबत खड़ी की जा सकती है।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families