भारतीय सेना के पूर्वी कमान के अंतर्गत आने वाले विशिष्ट माउंटेन स्ट्राइक कोर, ब्रह्मास्त्र कोर, में हाल ही में महत्वपूर्ण कमान परिवर्तन हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल यश अहलावत ने कोर की कमान लेफ्टिनेंट जनरल एस.एस. कार्तिकेय को सौंप दी। लेफ्टिनेंट जनरल कार्तिकेय भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्होंने मणिपुर स्थित रेड शील्ड डिवीजन (57 माउंटेन डिवीजन) की कमान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सफलतापूर्वक निभाई हैं। वर्तमान पदस्थापना से पहले वे मप्र के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज के हायर कमांड विंग के कमांडर रहे हैं।
कमान हस्तांतरण के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अहलावत ने कोर के सभी रैंकों को संबोधित करते हुए ऑपरेशनल इफेक्टिवनेस एवं युद्धक तत्परता बढ़ाने के निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं एवं लोकाचार को बनाए रखने की अपील की। पूर्वी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वी.एम.बी. कृष्णन ने लेफ्टिनेंट जनरल कार्तिकेय को नई जिम्मेदारी पर बधाई दी तथा लेफ्टिनेंट जनरल अहलावत के योगदान की सराहना की।
ब्रह्मास्त्र कोर (XVII कोर) भारत का पहला माउंटेन स्ट्राइक कोर है। पानागढ़ (पश्चिम बंगाल) स्थित इसका मुख्यालय पूर्वी कमान के अधीन है। यह कोर मुख्य रूप से उत्तरी सीमा, विशेषकर सिक्किम एवं अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ चीन के विरुद्ध त्वरित प्रतिक्रिया एवं प्रति-आक्रामक भूमिका के लिए गठित किया गया है। उच्च-ऊंचाई वाले युद्ध के लिए प्रशिक्षित इसकी इकाइयाँ वायु सेना के सी-130जे विमानों की सहायता से अत्यंत कम समय में सीमा तक पहुँचने में सक्षम हैं। कोर में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (IBG), रुद्र ब्रिगेड एवं एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर जैसी अत्याधुनिक क्षमताएँ शामिल हैं। यह सेना की IBG अवधारणा का परीक्षण स्थल भी रहा है।


