MP बिजली संकट: दिग्विजय ने पूछा बताएं कौन है बंटाधार, नरोत्तम ने बताया किसे और क्यों कहा जाता है मिस्टर बंटाधार

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sadbhawnapaati
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मध्य प्रदेश में बिजली संकट के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी में जम कर सियासत जारी है। जहां, कांग्रेस ने प्रदेश में बिजली संकट का दावा किया है तो वहीं, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर बिजली संकट पर दो दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी लगातार सरकार को बिजली कटौती पर घेर रहे हैं। सोमवार को एक ट्वीट कर उन्होंने सरकार पर बिजली घर बंद करने का भी आरोप लगाया था। इसी बीच गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा के दौरान एक बयान में कांग्रेस के बिजली संकट के मुद्दे को हस्यास्पद करार दिया है।

दरअसल, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक ट्वीट कर लिखा कि मप्र में जितनी मांग है उससे अधिक बिजली बनाने की क्षमता है। पर हम बिजली घरों बंद किए हुए हैं और उनके बंद रखने के लिए पैसे दे रहे हैं। अब बताएं बंटाधार कौन?

भाजपा हमेशा से दिग्विजय सिंह को बंटाधार की उपमा देती रही है। वहीं, उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बिजली संकट पर सत्र बुलाने कांग्रेस मांग कर रही है, जिनके कार्यकाल में बिजली कभी-कभी आती थी, दिग्विजय सिंह के, बिजली का बेड़ागर्क ही उन्होंने किया था, इसलिए वह मिस्टर बंटाधार कहलाये थे। हास्यास्पद सा लगता है किसान की बात वे कर रहे हैं, जिन्होंने कर्जा माफ किया ही नहीं, युवाओं की बात वे कर रहे हैं, जिन्होंने बेरोजगारी भत्ता दिया ही नहीं, घोषणा पत्र में लिखने के बाद।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।