राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) के सचिव जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। यह कार्यक्रम मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि डिफेन्स इस्टैब्लिशमेंट के उच्चतम स्तर पर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के आदर्शों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक था।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाने वाला यह दिवस भारत की एकता के उस ऐतिहासिक संघर्ष की याद दिलाता है, जिसमें रजवाड़ों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत का निर्माण हुआ। डीएमए में इस शपथ का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह विभाग तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता, एकीकरण और समन्वय का केंद्रीय मंच है। आज के जटिल सुरक्षा परिदृश्य में बाहरी चुनौतियों के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा की मजबूती भी उतनी ही आवश्यक है। शपथ ने एकता, एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ किया तथा राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा के संकल्प को दोहराया।
जनरल सुब्रमणि के नेतृत्व में डीएमए थिएटरीकरण, स्वदेशी क्षमता निर्माण और ट्राई- सर्विस समन्वय पर बल दे रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय एकता का यह संदेश रक्षा बलों को यह याद दिलाता है कि उनकी शक्ति केवल हथियारों और रणनीति में नहीं, बल्कि देश को एक मजबूत और अखंड भारत के रूप में बनाए रखने के सामूहिक संकल्प में निहित है। शपथ ने यही भाव व्यक्त किया कि सुरक्षा और एकता एक-दूसरे के पूरक हैं।
यह आयोजन रक्षा क्षेत्र में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को व्यवहार में उतारने का प्रयास है। जब सैन्य मामलों का सर्वोच्च विभाग राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है, तो वह संदेश पूरे सुरक्षा तंत्र तक पहुंचता है कि देश की सुरक्षा और एकता अविभाज्य हैं। यही रक्षा संवाद की मूल भावना है।


