ऑइल कंपनी का ई मेल हैक कर डेटा चुराया 13.44 लाख का पेमेंट अपने खातों में डलवाया, चार आरोपी गिरफ्तार

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

जिस महिला के खाते में पेमेंट डाली वह भी गिरफ्तार
 
इंदौर की ऑइल कंपनी का ई-मेल अकाउंट हैक कर ग्राहकों का पेमेंट अपने खातों में ट्रांसफर कराने वाली नाइजीरियन गैंग से जुड़े चार लोगों को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला है, जिसके खाते में रुपए ट्रांसफर कराने के बाद नाइजीरियन गैंग कुछ कमीशन देकर उन्हें निकाल लेती थी। साइबर सेल ने ऑइल कंपनी से माल लेने वाली चेन्नई की एक फर्म का पेमेंट 13 लाख 44 हजार 320 रु. फ्रीज कराया है। महिला के खाते में पंजाब, दिल्ली व अन्य कई जगह की कंपनियों के लाखों के पेमेंट भी आना पता चला है।
साइबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह के मुताबिक, 27 जुलाई को न्यू पलासिया स्थित विस्कस ऑइल कंपनी के मैनेजर राजकुमार पटेल ने शिकायत की थी कि उनकी कंपनी का ई-मेल अकाउंट हैक कर ग्राहकों की जानकारी और डेटा चुरा लिए। कंपनी के अकाउंट में चेन्नई के एक फर्म से 13 लाख 44 हजार 320 रुपए का पेमेंट आना था। जब चेन्नई की कंपनी से जानकारी ली तो उनका कहना था कि हमने तो पेमेंट कर दिया।
आपके लोगों ने फोनकर छह अकाउंट में पैसे डलवाए। पुलिस ने जब जांच की तो जिन खातों में रुपए ट्रांसफर हुए थे। वे गोरखपुर (यूपी) की सैयदा बेगम के निकले। उससे जब पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद परवेज अहमद, ग्यासुद्दीन उर्फ शानू खान और आशीष जायसवाल को भी पकड़ा गया। सभी गोरखपुर के रहने वाले हैं।
कमीशन देकर आरोपी गरीबों के खातों में ट्रांसफर कराते थे रुपए
एसपी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी इस गैंग की निचली कड़ी हैं। नाइजीरियन गैंग इस धोखाधड़ी में सैयदा बेगम जैसे लोगों को कुछ कमीशन देकर उनके खातों का इस्तेमाल करती है और फिर धोखाधड़ी के रुपए ट्रांसफर करवा कर निकाल लेती है। आरोपी परवेज और ग्यासुद्दीन फर्जी दस्तावेज व गारंटर बनकर बैंकों में खाते खोलने में मदद करते हैं। गिरोह इन्हें एक लाख की राशि पर 10 हजार रुपए कमीशन देता है। वहीं तीसरी कड़ी आशीष जायसवाल से जुड़ी है। ये दिल्ली में बैठे नाइजीरियन गिरोह के सदस्यों के मुख्य एजेंटों से जुड़ा है।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।
501 Comments