सारेक्स-2026, इंडियन कोस्ट गार्ड का सागर सुरक्षा में निर्णायक कदम

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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इंडियन कोस्ट गार्ड ने 8 अक्टूबर को ओडिशा के पारादीप तट से 45 किलोमीटर दूर आयोजित 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास सारेक्स-2026 के माध्यम से अपनी ऑपरेशनल क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में जटिल विमान दुर्घटना और जहाज में आग लगने की दोहरी आपात स्थिति का अनुकरण किया गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक तटरक्षक जहाजों, वायु सेना तथा नौसेना के विमानों और सहायक इकाइयों ने समन्वित रूप से भाग लिया।

अभ्यास के दौरान जीवनरक्षक राफ्ट, अग्निशमन दल और विशेष उपकरणों का कुशल उपयोग कर व्यापक पैमाने पर बचाव अभियान संपन्न हुआ। महानिदेशक परमेश शिवमणि ने अभ्यास की समीक्षा की, जिसमें 30 देशों के 32 पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। यह अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाती है।

अभ्यास के दौरान इंडियन कोस्ट गार्ड ने मेओसार उपग्रह प्रणाली को भी कमीशन किया, जो संकट संकेत का शीघ्र और सटीक पता लगाने में सक्षम है। यह तकनीकी उन्नयन समुद्री सुरक्षा को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

‘सारेक्स-2026’के तकनीकी पहलू का मुख्य केंद्र “तकनीक का लाभ उठाना” (Leveraging Technology) और अत्याधुनिक प्रणालियों का एकीकरण है। इस अभ्यास में उपग्रह-आधारित आपातकालीन बीकन प्रणालियों (जैसे MEOLUT/Cospas-Sarsat) के माध्यम से रियल-टाइम डिस्ट्रेस अलर्ट सिग्नल प्राप्त करने, त्वरित डेटा प्रोसेसिंग और एकीकृत सर्च एवं रेस्क्यू (SAR) समन्वय तंत्र के तकनीकी संचालन का व्यावहारिक परीक्षण किया गया। इस दौरान बहु-एजेंसी समन्वय को सक्षम बनाने के लिए डिजिटल कम्युनिकेशन नेटवर्क्स, एडवांस्ड नाइट-विज़न एवं थर्मल इमेजिंग सेंसर, और डोनियर विमानों व उन्नत हल्के हेलीकाप्टरों (ALH) में लगे रिमोट सेंसिंग उपकरणों का उपयोग किया गया।

इसके अतिरिक्त, एक साथ बड़े पैमाने पर खोज अभियान (Mass Rescue Operations) चलाने के लिए परिष्कृत नेविगेशन एल्गोरिदम, स्वचालित ट्रैकिंग प्लेटफ़ॉर्म और समुद्र-आधारित स्वचालित बचाव उपकरणों के लाइव सिमुलेशन का सफलतापूर्वक समन्वय किया गया, जिससे भारत की समुद्री आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और अधिक सटीक तथा तकनीक-संचालित बनी है।

सारेक्स-2026 मात्र एक अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक तैयारियों का प्रमाण है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते समुद्री यातायात और संभावित आपदाओं के मद्देनजर ऐसी क्षमताएं आवश्यक हैं। तटरक्षक बल की यह पहल बहुराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता में भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है। भविष्य में ऐसी तैयारियां देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा और मानवीय सहायता दोनों में निर्णायक सिद्ध होंगी।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families