जेल में बंद संजय राउत से मिलने की उद्धव ठाकरे ने मांगी इजाजत, जेल प्रशासन ने खारिज की मांग

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sadbhawnapaati
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मुंबई। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ़्तार शिवसेना सांसद संजय राऊत से मुलाकात करने के लिए शिवसेना के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के ऑर्थर रोड जेल प्रशासन से इजाजत मांगी थी जिसे जेल प्रशासन ने खारिज कर दिया है.
दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत फ़िलहाल मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद हैं. उनसे मिलने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जेल प्रशासन से इजाज़त मांगी जिसे जेल प्रशासन ने नामंज़ूर कर दिया.
सूत्रों के अनुसार परमिशन मांगते हुए यह भी कहा गया था कि वह जेलर के कमरे में संजय राउत से मुलाकात करना चाहते हैं. वहीं, जेल ऑथोरिटी ने कहा कि आपको कोर्ट से परमिशन लेकर आना पड़ेगा और जेलर के कमरे में तो मुलाकात बिल्कुल नहीं हो सकती.
सूत्रों ने आगे बताया कि उद्धव ठाकरे ने जिस शख़्स के माध्यम से इजाज़त मांगी थी उसे कहा कि जैसे आम कैदी जाली के उस तरफ से मिलते हैं उसी तरीके से मिलना पड़ेगा और लेकिन उसके लिए भी कोर्ट की परमिशन चाहिए. जेल सूत्रों ने कहा कि उन्हें कोई लिखित में आवेदन नहीं आया था.
उन्हें उद्धव ठाकरे की तरफ से किसी ने फोन करके कल ये कहा था की उद्धव ठाकरे को संजय राउत से जेलर के कार्यालय में मिलना है. जेल प्रशासन ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया और कहा कि इसके लिए उन्हें कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ेगी.
फोन आने के बाद उद्धव ठाकरे से कहा गया कि उन्हें एक प्रक्रिया के तहत ही संजय राउत से मिलने की इजाजत मिल सकती है. जेल सुपरिटेंडेंट ने कहा की अगर मिलना है तो जैसे सभी कैदियों से लोग मिलते हैं वैसे ही मिलना होगा और उसके लिए भी कोर्ट की इजाज़त लेना पड़ेगी. ऐसा कहकर जेल अधिकारी ने उद्धव ठाकरे को संजय राउत से मिलने की इजाज़त नहीं दी.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।