दहेज प्रताड़ना के चलते महिला की मौत, सास और देवर पर मारपीट का आरोप 

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sadbhawnapaati
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इन्दौर। पांच लाख रुपए के लिए परेशान करने के चलते ट्रांसपोर्टर की पत्नी की मौत का मामला हत्या या आत्महत्या के बीच उलझ गया है सात साल पहले उसकी शादी हुई थी पुलिस जांच कर कार्यवाही कर रही है, बताया जा रहा है कि मौत के पहले उसने.अपने पिता से फोन पर अपने ऊपर ससुराल में हो रहे जुल्म की बात कही थी उसने कहा था कि पापा जल्दी आ जाओ। लेकिन, पिता के पहुँचने से पहले ही उसकी मौत की खबर आ गई। पिता ने ससुराल वालों पर 5 लाख रुपए के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। शनिवार शाम पुलिस ने महिला का पोस्टमार्टम करवाया और शव परिवार को सौंप दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।.पुलिस के मुताबिक टीना की रात में तबीयत बिगड़ी तो उसे देवास रोड पर सेठी अस्पताल ले गए। यहां हालत गंभीर होने पर उसे भंडारी अस्पताल भेजा गया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे रात 12 बजे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद रिंजलाय में टीना के माता-पिता को जानकारी दी गई।
क्षिप्रा के पास रिंजलाय में रहने वाले श्रीराम के मुताबिक उनकी बेटी टीना गौड़ ने शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे कॉल किया था। बेटी ने ससुराल वालों के साथ झगड़ा और मारपीट होने की बात कही। कहा था कि पापा जल्दी आ जाओ, ये लोग मेरे साथ विवाद कर रहे हैं। मुझे यहां से ले जाओ। पिता के पहुंचने से पहले ही रात 12 बजे उसकी मौत की खबर आ गई।
श्रीराम ने पुलिस को बताया कि टीना ने कहा था सास संतोषी और देवर विजय मारपीट कर रहे हैं। मैंने कहा था कि दामाद अजय से बात करूंगा और मिलने आऊंगा। इसके बाद दोपहर में दामाद अजय को कॉल किया। अजय ने कहा कि वह अभी ट्रांसपोर्ट पर है। शाम को घर पहुंचकर बात करा देगा, लेकिन रात को टीना कमरे में बेसुध मिली थी। फिर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
क्षिप्रा पुलिस के अनुसार टीना की सास संतोषी और देवर उससे उसके पिता श्रीराम से 5 लाख लाने की मांग करते रहते थे जिसके चलते उसके साथ पहले भी मारपीट हुई थी। टीना के हाथ पैर पर भी चोट के निशान हैं। इस मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर पूरा मामला जांच में लिया है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।