Indore News – शहर में 9 माह में 60 हजार लोगों ने तोड़े नियम पौने तीन करोड़ रुपए के बने चालान

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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Indore Traffic News. शहर में यातायात नियंत्रण एक बड़ी में समस्या बन गई है। पुलिस लगातार चालानी कार्रवाई करती है, लेकिन फिर भी इंदौरी सुधरने का नाम नहीं लेते। इस साल के नौ माह में 60- हजार लोगों ने नियम तोड़े, जिससे जुर्माना के रूप में पुलिस ने पौने तीन करोड़ रुपए वसूले है।

इंदौर शहर में यूं तो बहुत अधिक वाहन हैं, जिसके चलते यहां यातायात नियंत्रण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। जाम की समस्या आम बात है। शहर में प्रमुख चौराहों पर सुबह और शाम के समय निकलना मुश्किल हो जाता है, लेकिन शहर के लोग नियम तोड़ने में भी पीछे नहीं है। एएसपी अनिलकुमार पाटीदार ने बताया कि इस साल नौ माह में यातायात पुलिस ने नियम तोड़ने वालों के 60 हजार से अधिक चालान बनाए हैं। इन लोगों से समन शुल्क के रूप में दो करोड़ 70 लाख रुपए वसूले हैं। इंदौर शहर नियम तोड़कर शासन को राजस्व देने में भी नंबर वन है। सरकार को हर साल पांच करोड़ से अधिक का राजस्व चालान से मिलता है, लेकिन कोरोना काल के चलते गत वर्ष तो काफी कम चालान बने थे। इसकी तुलना में

दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक है – इस साल चालान अधिक बने हैं, लेकिन फिर भी गत वर्षों की तुलना में कम है। हर रोज शहर में दो सौ से ढाई सौ लोग नियम तोड़ते हैं।

जागरूकता के लिए भी नए-नए फंडे –

पाटीदार ने बताया कि पुलिस एक और जहां चालानी कारवाई कर रही है, वहीं शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के लाइसेंस भी निरस्त करवाए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस जागरूकता अभियान भी चला रही है। जहां चौराहों पर जन्मदिन मनाकर एक घंटे यातायात संभालने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ऐसे ही अनेक तरीकों से नियम पालन करवाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है |

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।