MP News – आईएएस अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी, विडियो वायरल

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक बर्खास्त जूनियर इंजीनियर का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कंपनी के एमडी आईएएस वी किरण गोपाल के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कर रहे हैं। दरअसल इन इंजीनियर महोदय को सौभाग्य योजना में गड़बड़ी के चलते बर्खास्त कर दिया गया था।

दुर्भाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना सौभाग्य मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इस योजना के तहत उन घरों में उजाला किए जाना था जिनमें आजादी के बाद से आज तक बिजली नहीं पहुंची।

घर घर बिजली कनेक्शन पहुंचाने के इस मामले में पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की खबरें 2018 में आई थी और इनकी बाकायदा शिकायत भी शुरू हुई थी, लेकिन जांच के बाद सब कुछ ठंडे बस्ते में डल गया।

वी किरण गोपाल के एमडी बनने के बाद इस मामले में कार्रवाई शुरू हुई और पिछले कुछ समय में 6 इंजीनियरों को गड़बड़ी प्रामाणिक पाते हुए बर्खास्त किया जा चुका है।

अकेले मंडला जिले में इस योजना में करीब 16 करोड़ रूपये की गड़बड़ी सामने आई थी और 13 लोगों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी हुए थे। इस योजना में ठेकेदारों को काम का भुगतान बिना काम किए हो गया और जिन लोगों के यहां सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन देने की बात सामने आई वह पते ही काल्पनिक निकले।

अब बर्खास्त इंजीनियरों में से एक इंजीनियर संदीप बघेल का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह एमडी वी किरण गोपाल के लिये आपत्तिजनक बातें करते नजर आ रहे हैं।

उनका कहना है कि उन्होंने सौभाग्य योजना के तहत लोगों के घरों में उजाला किया लेकिन उनके घर में अंधेरा कर दिया गया। वी किरण गोपाल को दक्षिण भारतीय होने का ताना देते हुए वह उन पर आपत्तिजनक बातें कर रहे हैं। बघेल के इस पूरे बयान में जिस तरह की बातें की गई है वह उनके लिए मुसीबत का सबब बन सकती हैं।

हालांकि विभाग उन्हें बर्खास्त कर चुका है लेकिन एक आईएएस अधिकारी के बारे में इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी या भी कहीं न कहीं कानूनी मुसीबत बन सकती हैं।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।